इंदौर. मध्यप्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से हो रही मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. रविवार 25 जनवरी को भागीरथपुरा इलाके में रहने वाले 75 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षक राजाराम बौरासी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. दूषित पानी से हुई मौतों का आंकड़ा 28 पहुंच गया है.
परिजनों के अनुसार शुक्रवार को उल्टी दस्त के कारण उनकी तबीयत खराब हुई थी. जिसके बाद सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती किया गया था. जहां रविवार सुबह मौत हुई है. उन्हें पूर्व में हार्ट संबंधित बीमारी के कारण निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था. भागीरथपुरा में यह उल्टी दस्त से 28 वीं मौत सामने आई है. अभी भी 7 से 8 मरीज अस्पतालों के वार्ड, आईसीयू में भर्ती हैं. दो मरीज वेंटिलेटर पर हैं.
इधर सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने इसे उल्टी दस्त से मौत नहीं माना है. उनके अनुसार मृतक 2018-19 में हार्ट संबंधित गंभीर बीमारी का इलाज करा चुके थे. उनके चिकित्सकीय दस्तावेजों में भी गंभीर बीमारी से मौत सामने आई है. इस बारे में विभाग और जानकारी जुटा रहा है.
अलग-अलग अस्पतालों में 10 लोग भर्ती
इंदौर भागीरथपुरा में दूषित पानी से बीमार होने के बाद अभी भी दस के लगभग मरीज अलग अलग अस्पतालों में भर्ती है. क्षेत्र में मरीज मिलने के बाद लगातार स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों से जुड़ी अपडेट सार्वजनिक की. पिछले तीन दिनों से यह बुलेटिन जारी करना बंद कर दिया गया है. जानकारी के अनुसार, मरीज सामान्य से अधिक नहीं मिल रहे हैं. इधर, अभी भी अस्पतालों में गंभीर स्थिति वाले मरीज भर्ती है. इनमें आईसीयू वेंटिलेटर पर भी हैं. इन गंभीर मरीजों को डायरिया हुआ था, जो ठीक हो चुका है. यह पहले से किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त रहे है और इनका शासन की तरफ से निशुल्क उस बीमारी का इलाज कराया जा रहा है. विभाग के अनुसार, जो मरीज के कारण अभी भी उपचाररत है.
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