न्याय और सेवा की मिसाल प्रभाकर रूसिया के नाम हुआ सठिया कुआं मार्ग

न्याय और सेवा की मिसाल प्रभाकर रूसिया के नाम हुआ सठिया कुआं मार्ग

प्रेषित समय :20:50:24 PM / Sun, Jan 25th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर की गौरवशाली परंपरा और सेवाभावी महापुरुषों के सम्मान की कड़ी में  एक नया अध्याय जुड़ गया। नगर निगम जबलपुर द्वारा आयोजित एक भव्य और गरिमापूर्ण समारोह में सठिया कुआं मार्ग का नामकरण विधिक सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में अपना जीवन समर्पित करने वाले स्व. प्रभाकर रूसिया की स्मृति में 'प्रभाकर रूसिया मार्ग' के रूप में किया गया। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति श्री विवेक रूसिया की विशेष अगुवाई में आयोजित इस लोकार्पण समारोह ने न केवल एक मार्ग को नई पहचान दी, बल्कि समाज सेवा के उस जज्बे को भी सलाम किया जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनेगा। कार्यक्रम का शुभारंभ वेदमंत्रों और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें महापौर जगत बहादुर सिंह 'अन्नू', उत्तर मध्य विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. अभिलाष पांडे, निगम अध्यक्ष रिंकू विज, और निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार सहित शहर के कई प्रबुद्ध वर्ग शामिल हुए। लोकार्पण के उपरांत अतिथियों ने प्रभाकर रूसिया जी के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके द्वारा विधिक जगत एवं शिक्षा के क्षेत्र में किए गए ऐतिहासिक कार्यों को याद किया।

पत्रकारिता के मानदंडों के अनुरूप इस आयोजन की महत्ता को रेखांकित करते हुए महापौर जगत बहादुर सिंह 'अन्नू' ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी शहर की पहचान वहां के भौतिक निर्माण से ज्यादा वहां की महान विभूतियों के चरित्र से होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्व. प्रभाकर रूसिया केवल एक व्यक्ति का नाम नहीं था, बल्कि वे अपने आप में सेवा भाव की एक चलती-फिरती संस्था थे। उनका झुकाव हमेशा से एक ऐसे समाज के निर्माण की ओर रहा जो शिक्षित हो और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो। नगर निगम ने इस मार्ग का नामकरण कर समाज के उस वर्ग को सम्मानित किया है जो बिना किसी शोर-शराबे के निस्वार्थ भाव से समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं। यह मार्ग अब केवल आवागमन का रास्ता नहीं रह गया है, बल्कि यहां से गुजरने वाला हर युवा और छात्र उस सादगी और सेवा की कहानी से प्रेरित होगा जिसे रूसिया जी ने अपने जीवन में उतारा था। विधिक सेवा के क्षेत्र में उनकी ईमानदारी और शैक्षणिक सुधारों के लिए उनकी प्रतिबद्धता आज भी अधिवक्ताओं और बुद्धिजीवियों के बीच चर्चा का विषय बनी रहती है।

समारोह में उपस्थित विधायक डॉ. अभिलाष पांडे ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि महापुरुषों और समाजसेवियों के नाम पर सार्वजनिक स्थलों का नामकरण करना एक स्वस्थ परंपरा है। इससे न केवल संबंधित क्षेत्र के निवासियों को अपने गौरवशाली इतिहास की अनुभूति होती है, बल्कि यह शहर की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान को भी वैश्विक मानचित्र पर मजबूती प्रदान करता है। उन्होंने विधिक जगत में रूसिया परिवार के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि न्यायमूर्ति विवेक रूसिया की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम की गरिमा को नई ऊंचाइयां दी हैं। नगर निगम अध्यक्ष रिंकू विज और एमआईसी सदस्य डॉ. सुभाष तिवारी ने भी इस अवसर पर अपने विचार साझा किए और कहा कि प्रशासनिक स्तर पर ऐसे व्यक्तित्वों को सम्मान देना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। स्थानीय निवासियों में भी इस नामकरण को लेकर भारी उत्साह देखा गया। वार्ड पार्षद श्रीमती कविता रैकवार और निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने आयोजन की व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया, जिससे यह समारोह एक पारिवारिक उत्सव के रूप में परिवर्तित हो गया।

इस विशेष अवसर पर विधिक समुदाय की भी व्यापक उपस्थिति रही, जिसमें स्टेट बार कौंसिल के अध्यक्ष श्री राधेलाल गुप्ता ने प्रभाकर रूसिया जी के कानूनी ज्ञान और उनके मानवीय दृष्टिकोण की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि विधिक और सामाजिक क्षेत्रों के बीच के सेतु के रूप में रूसिया जी ने जो कार्य किए, उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। समारोह में समाज के विभिन्न वर्गों के सदस्यों के साथ-साथ पूर्व एमआईसी सदस्य मुकेश राठौर, मुकेश यादव और शहर के कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। लोकार्पण के बाद पूरे सठिया कुआं क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल था, जहां लोगों ने इस निर्णय को जबलपुर की सांस्कृतिक विरासत को संजोने वाला एक बड़ा कदम बताया। अंत में, यह संदेश स्पष्ट रूप से समाज के सामने गया कि निस्वार्थ भाव से की गई सेवा कभी व्यर्थ नहीं जाती और समाज ऐसी विभूतियों को युगों-युगों तक सम्मान के साथ याद रखता है। यह मार्ग अब जबलपुर के विकास और विरासत के बीच एक अटूट कड़ी के रूप में स्थापित हो गया है।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-