जबलपुर। संस्कारधानी में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो गए हैं कि अब कानून के रक्षक ही सुरक्षित नहीं रह गए हैं। कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले निवासी और पेशे से अधिवक्ता सिद्धार्थ जैन के साथ हुई दुस्साहसिक वारदात ने शहर की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र के कुख्यात बदमाश अंकित मराठा ने अधिवक्ता सिद्धार्थ जैन को सरेराह रोककर उनके पेट पर पिस्टल अड़ा दी और पांच हजार रुपये की अवैध वसूली (रंगदारी) की मांग की। इतना ही नहीं, बदमाश ने अधिवक्ता को वकालत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकी भी दी। इस अचानक हुए हमले और पिस्टल की नोक पर मिली धमकी से पीड़ित अधिवक्ता गहरे सदमे और भय में हैं। वारदात की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित अधिवक्ता सिद्धार्थ जैन रविवार सुबह करीब 10 बजे कांग्रेस के पूर्व विधायक विनय सक्सेना के साथ पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने एसपी के समक्ष अपनी आपबीती सुनाई और सुरक्षा की गुहार लगाते हुए आरोपी बदमाश के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की।
पूर्व विधायक विनय सक्सेना ने इस घटना पर कड़ा रोष जताते हुए कहा कि जब शहर के शिक्षित वर्ग और अधिवक्ताओं पर इस तरह खुलेआम पिस्टल तानी जाएगी, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि बदमाशों में पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है, यही कारण है कि वे दिनदहाड़े वसूली के लिए हथियारों का प्रदर्शन कर रहे हैं। सिद्धार्थ जैन ने अपनी शिकायत में बताया कि अंकित मराठा नामक यह बदमाश लंबे समय से क्षेत्र में अपनी धौंस जमाने की कोशिश करता रहा है, लेकिन इस बार उसने सीधे जान लेने की नीयत से पिस्टल का इस्तेमाल किया। पीड़ित के अनुसार, आरोपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर उसे नियमित तौर पर 'खर्चा' नहीं दिया गया या वकालत के पेशे में सक्रियता कम नहीं की गई, तो वह गोली मारने में गुरेज नहीं करेगा। एसपी कार्यालय पहुंचे अधिवक्ताओं के समूह ने भी इस घटना की निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ और न्याय व्यवस्था से जुड़े लोगों पर हमला करार दिया है।
शिकायत मिलने के बाद एसपी कार्यालय की ओर से मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी अंकित मराठा का पिछला आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है और कोतवाली पुलिस को तत्काल घेराबंदी कर उसकी गिरफ्तारी के आदेश दिए गए हैं। अधिवक्ता समुदाय ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपी की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई और उसे संरक्षण देने वाले तत्वों का पर्दाफाश नहीं किया गया, तो वे उग्र प्रदर्शन को बाध्य होंगे। इस घटना ने एक बार फिर जबलपुर के सघन इलाकों में अवैध हथियारों की उपलब्धता और अपराधियों के दुस्साहस को उजागर कर दिया है। शहर के गणमान्य नागरिकों ने भी मांग की है कि पुलिस को केवल औपचारिक कार्रवाई के बजाय 'गुंडा दमन' अभियान चलाकर ऐसे तत्वों का समूल नाश करना चाहिए जो समाज के शांतिपूर्ण माहौल को खराब कर रहे हैं। फिलहाल, पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पीड़ित अधिवक्ता को पुलिस ने उचित सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराने का आश्वासन दिया है, लेकिन इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल बना हुआ है।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

