नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर ट्रैवल इन्फ्लुएंसर्स के दावों ने भारतीय यात्रियों की यात्रा योजनाओं को जितना आसान बनाया है, उतना ही भ्रम भी पैदा किया है। हाल ही में एक ट्रैवल इन्फ्लुएंसर के वायरल रील ने हजारों भारतीय यूज़र्स का ध्यान खींचा, जिसमें दावा किया गया कि भारत के पासपोर्ट धारकों को यूरोप के देश अल्बानिया जाने के लिए शेंगेन वीज़ा की जरूरत नहीं है। वीडियो में इन्फ्लुएंसर ने इसे बजट फ्रेंडली यूरोपीय डेस्टिनेशन बताते हुए कम खर्च, सस्ते स्टे और आसान ट्रांसपोर्ट की बात कही। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह दावा पूरी तरह सही है, या इसमें आधी-अधूरी सच्चाई छुपी है।
वीडियो में इन्फ्लुएंसर ने साफ कहा कि भारतीय यात्रियों को अल्बानिया के लिए केवल ई-वीज़ा चाहिए, शेंगेन वीज़ा नहीं। यह बात सुनते ही कई लोग हैरान रह गए, क्योंकि आमतौर पर यूरोप यात्रा का मतलब भारतीयों के लिए शेंगेन वीज़ा की लंबी और जटिल प्रक्रिया होता है। इसी वजह से यह रील तेजी से वायरल हुई और लोगों ने इसे शेयर करना शुरू कर दिया। लेकिन तथ्य जांच करने पर सामने आता है कि मामला इतना सीधा नहीं है, जितना सोशल मीडिया पर दिखाया जा रहा है।
असल में अल्बानिया यूरोप में स्थित होने के बावजूद शेंगेन क्षेत्र का हिस्सा नहीं है। शेंगेन ज़ोन में शामिल देशों के लिए एक साझा वीज़ा नीति लागू होती है, लेकिन अल्बानिया इस समूह में शामिल नहीं है। इसी कारण से वहां प्रवेश के नियम बाकी यूरोपीय देशों से अलग हैं। भारतीय पासपोर्ट धारकों को सामान्य परिस्थितियों में अल्बानिया जाने के लिए वीज़ा की आवश्यकता होती है, लेकिन यह शेंगेन वीज़ा नहीं होता।
अल्बानिया की वीज़ा नीति के अनुसार भारतीय नागरिक ई-वीज़ा के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान है और इसमें दूतावास के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। ई-वीज़ा मिलने पर भारतीय यात्री तय अवधि के लिए अल्बानिया में प्रवेश कर सकते हैं। इस लिहाज से इन्फ्लुएंसर का यह दावा सही है कि अल्बानिया जाने के लिए शेंगेन वीज़ा अनिवार्य नहीं है।
हालांकि, यहां एक अहम बात अक्सर वायरल रील्स में छूट जाती है। अल्बानिया कुछ खास शर्तों के तहत भारतीयों को बिना अलग वीज़ा के भी प्रवेश की अनुमति देता है। यदि किसी भारतीय नागरिक के पास पहले से वैध मल्टीपल एंट्री शेंगेन वीज़ा, यूएस वीज़ा या यूके वीज़ा है, तो वह सीमित अवधि के लिए बिना अलग अल्बानियाई वीज़ा के भी देश में प्रवेश कर सकता है। यही वजह है कि कई यात्री भ्रमित हो जाते हैं और मान लेते हैं कि अल्बानिया पूरी तरह वीज़ा-फ्री है, जबकि ऐसा नहीं है।
यात्रा विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस तरह के दावे अधूरी जानकारी के साथ सामने आते हैं। अल्बानिया सस्ता और सुंदर यूरोपीय गंतव्य जरूर है, लेकिन वीज़ा नियमों को समझना बेहद जरूरी है। यदि कोई भारतीय यात्री बिना शेंगेन, यूएस या यूके वीज़ा के सीधे अल्बानिया जाना चाहता है, तो उसे ई-वीज़ा के लिए आवेदन करना ही होगा।
इन्फ्लुएंसर द्वारा बताए गए खर्चों को लेकर भी तस्वीर पूरी तरह एकतरफा नहीं है। यह सच है कि अल्बानिया पश्चिमी यूरोप के मुकाबले काफी सस्ता है। होटल, लोकल ट्रांसपोर्ट और खाने-पीने का खर्च अपेक्षाकृत कम हो सकता है। लेकिन फ्लाइट टिकट की कीमतें सीज़न, बुकिंग टाइम और रूट पर निर्भर करती हैं। 35 से 40 हजार रुपये का रिटर्न टिकट हर समय और हर शहर से मिलना जरूरी नहीं है।
वीडियो में यह भी कहा गया कि अल्बानिया में कैश का ज्यादा चलन है और करेंसी एक्सचेंज की सुविधा सीमित है। यह जानकारी काफी हद तक सही मानी जा सकती है। अल्बानिया में कई छोटे शहरों और कस्बों में कार्ड पेमेंट की सुविधा सीमित है, और स्थानीय मुद्रा की जरूरत पड़ती है। हालांकि बड़े शहरों और पर्यटन क्षेत्रों में एटीएम और एक्सचेंज विकल्प उपलब्ध होते हैं, लेकिन यात्रियों को पहले से तैयारी करना जरूरी है।
कुल मिलाकर तथ्य जांच के बाद यह साफ होता है कि “भारतीयों को अल्बानिया जाने के लिए शेंगेन वीज़ा नहीं चाहिए” वाला दावा पूरी तरह गलत नहीं है, लेकिन अधूरा जरूर है। शेंगेन वीज़ा अनिवार्य नहीं है, पर इसका मतलब यह नहीं कि वीज़ा की जरूरत ही नहीं है। भारतीय यात्रियों को या तो अल्बानिया का ई-वीज़ा लेना होगा, या फिर उनके पास पहले से वैध शेंगेन, यूएस या यूके वीज़ा होना चाहिए।
यात्रा विशेषज्ञ यह सलाह देते हैं कि सोशल मीडिया रील्स को देखकर यात्रा की योजना बनाने से पहले आधिकारिक सरकारी वेबसाइट या दूतावास की जानकारी जरूर जांच लें। एक छोटी सी गलतफहमी एयरपोर्ट पर बड़ी परेशानी में बदल सकती है। अल्बानिया निश्चित रूप से भारतीय यात्रियों के लिए एक आकर्षक और किफायती यूरोपीय विकल्प है, लेकिन वहां पहुंचने का रास्ता उतना सरल नहीं है, जितना वायरल वीडियो में दिखाया जा रहा है।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

