जयपुर (व्हाट्सएप- 6367472963). राजस्थान ब्राह्मण महासभा ने यूजीसी के समता संवर्द्धन विनिमय को संवैधानिक समता और प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध बताते हुए इस पर पुनर्विचार अथवा संशोधन का आग्रह किया है।
राजस्थान ब्राह्मण महासभा, राजस्थान के प्रमुख महामंत्री एवं कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष मधुसूदन शर्मा
एवं प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष दीक्षांत शर्मा के नेतृत्व में प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया। इस अवसर पर ब्राह्मण प्रतिनिधि ललित मिश्रा, महेश शर्मा, एमएल शर्मा, कुलदीप शर्मा, एसके शर्मा, विजय शर्मा भी मौजूद रहे।
ज्ञापन में कहा गया है कि यह उच्च शिक्षा में समरसता के बजाय अविश्वास और टकराव को बढ़ावा देनेवाला है।
ज्ञापन में प्रधानमंत्री से अनुरोध किया गया है कि इसे वापस लिया जाये या उसमें संशोधन किया जाये।
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन के नए नियमों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या की बेंच ने कहा कि इसके प्रावधान स्पष्ट नहीं हैं और इनका दुरुपयोग हो सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और यूजीसी को नोटिस जारी किए, साथ ही नियमों का ड्राफ्ट फिर से तैयार करने का निर्देश दिया। सीजेआई सूर्यकांत ने केंद्र से पूछा- हमने जातिविहीन समाज की दिशा में कितना कुछ हासिल किया है। क्या अब हम उल्टी दिशा में चल रहे हैं? कोर्ट ने कहा- पीड़ितों को न्याय से वंचित नहीं छोड़ा जा सकता। हमें जनरल कैटेगरी की शिकायतों से कोई मतलब नहीं है, हमारी चिंता यह है कि आरक्षित समुदायों के लिए निवारण प्रणाली लागू रहनी चाहिए। मामले की अगली सुनवाई अब 19 मार्च 2026 को होगी।

