सोना-चांदी के बाजार में बड़ा संकेत, 11 मार्च से बदल सकती है दिशा, निवेशकों के लिए चेतावनी और अवसर दोनों

सोना-चांदी के बाजार में बड़ा संकेत, 11 मार्च से बदल सकती है दिशा, निवेशकों के लिए चेतावनी और अवसर दोनों

प्रेषित समय :19:46:47 PM / Fri, Jan 30th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, युद्ध, ब्याज दरों और डॉलर की चाल के बीच सोना-चांदी एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं. अब इसमें ज्योतिषीय संकेतों ने भी नई बहस को जन्म दे दिया है. 11 मार्च से देवगुरु बृहस्पति के मार्गी होने के साथ ही ठहरे हुए आर्थिक चक्र में गति आने के संकेत माने जा रहे हैं. पारंपरिक मान्यता के अनुसार गुरु का मार्गी होना धन, निवेश और बहुमूल्य धातुओं के लिए सकारात्मक माना जाता है. ऐसे में आने वाले महीनों में सोना और चांदी दोनों के भावों में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है.

विशेषज्ञों के अनुसार, मार्च से जून के बीच वैश्विक बाजारों में बड़ा बदलाव संभव है. 2025 में जिस तरह की तेज़ी सोना-चांदी में देखी गई थी, उसी के समान सुधार या उतार-चढ़ाव का दौर एक बार फिर उभर सकता है. यह प्रक्रिया अचानक नहीं बल्कि चरणबद्ध रूप में सामने आने की संभावना है. 11 मार्च से इसकी शुरुआत मानी जा रही है, जो जून तक विभिन्न चरणों में असर दिखा सकती है. ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि यह समय निवेशकों के लिए धैर्य, विवेक और रणनीति का होगा, न कि जल्दबाजी का.

ज्योतिषीय दृष्टि से देखा जाए तो यह काल अस्थिरता के बाद संतुलन की ओर बढ़ने का संकेत देता है. बीते समय में सोना-चांदी ने असामान्य तेजी और अचानक गिरावट दोनों देखी हैं. इसी क्रम में चांदी का मामला सबसे अधिक संवेदनशील माना जा रहा है. मान्यता है कि चांदी का संबंध शनि ग्रह से है और वर्तमान में शनि की साढ़े-साती का मध्य काल चल रहा है. यह स्थिति आम तौर पर तेज उतार-चढ़ाव, अनिश्चितता और भावनात्मक फैसलों को बढ़ावा देती है, जिसका असर सीधे बाजार पर पड़ता है.

1 मई 2025 के बाद शनि के मीन राशि में प्रवेश को चांदी के लिए एक बड़ा ट्रिगर माना गया. इसी अवधि में चांदी के भावों में तेज़ उछाल देखने को मिला और कीमतें लगभग चार लाख रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गईं. यह तेजी सामान्य बाजार चाल से अलग मानी गई और कई निवेशकों के लिए आश्चर्य का कारण बनी. विशेषज्ञों का मानना है कि इस उछाल के पीछे केवल औद्योगिक मांग या वैश्विक कारण ही नहीं, बल्कि ग्रहों की स्थिति भी सहायक रही.

इस दौरान गुरु का मिथुन राशि में भ्रमण भी चांदी की तेजी को बल देने वाला कारक माना गया. मिथुन राशि व्यापार, सूचना और गति से जुड़ी मानी जाती है, जिससे सट्टा गतिविधियां और तेजी दोनों को समर्थन मिलता है. हालांकि, यही स्थिति बाजार को अत्यधिक अस्थिर भी बना सकती है. अब 11 मार्च 2026 को गुरु के मार्गी होने के बाद बाजार में दिशा परिवर्तन के संकेत बनते दिख रहे हैं. माना जा रहा है कि यह समय तेजी के साथ-साथ मुनाफावसूली का भी हो सकता है.

सबसे अहम संकेत 2 जून 2026 को गुरु के कर्क राशि में प्रवेश से जुड़ा है. कर्क गुरु की उच्च राशि मानी जाती है, और इस परिवर्तन को बाजार के लिए निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है. ज्योतिषीय विश्लेषण के अनुसार, इस अवधि के बाद चांदी के भावों में भारी गिरावट की संभावना बनती है. जो निवेशक ऊंचे स्तर पर खरीद कर बैठे हैं, उनके लिए यह समय जोखिम भरा हो सकता है. ऐसे में बिना योजना के निवेश या भावनात्मक फैसले भारी नुकसान में बदल सकते हैं.

सोने की बात करें तो उसमें भी स्थिरता के साथ उतार-चढ़ाव की संभावना जताई जा रही है. हालांकि सोना चांदी की तुलना में अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है, लेकिन वैश्विक आर्थिक घटनाएं, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और डॉलर की मजबूती इसे भी प्रभावित कर सकती हैं. 2026 के शेष छह महीनों में दोनों धातुओं में तेज़ हलचल देखने को मिल सकती है. कभी अचानक उछाल, तो कभी तीखी गिरावट निवेशकों की परीक्षा ले सकती है.

बाजार विशेषज्ञों और अनुभवी निवेशकों की राय है कि आने वाला समय केवल मुनाफा कमाने का नहीं, बल्कि जोखिम प्रबंधन का भी है. अफवाहों, सोशल मीडिया की सलाह या भावनात्मक निर्णयों के आधार पर कदम उठाना खतरनाक हो सकता है. समय, स्थिति और अपनी वित्तीय क्षमता को समझते हुए रणनीति बनाना ही समझदारी होगी. लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह दौर अवसर भी ला सकता है, बशर्ते वे धैर्य बनाए रखें.

11 मार्च से शुरू हो रहा यह काल सोना-चांदी के बाजार में नई कहानी लिख सकता है. गुरु का मार्गी होना जहां ठहरे हुए चक्र में गति ला सकता है, वहीं शनि की साढ़े-साती का प्रभाव चांदी में अस्थिरता बनाए रखेगा. जून के बाद संभावित गिरावट के संकेत निवेशकों के लिए चेतावनी की तरह हैं. ऐसे में यह समय सतर्कता, संतुलन और सोच-समझकर निर्णय लेने का है, क्योंकि आने वाले महीनों में सोना-चांदी का खेल जितना आकर्षक दिखेगा, उतना ही जोखिम भरा भी हो सकता है.

*पंडित चंद्रशेखर नेमा हिमांशु*(9893280184)

मां कामाख्या साधक जन्म कुंडली विशेषज्ञ वास्तु शास्त्री

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-