तिरुवनंतपुरम. शनिवार को राजनीतिक और सांस्कृतिक हलकों में उस वक्त हलचल मच गई जब केरल सरकार के संस्कृति मंत्री साजी चेरियन ने फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ के टीज़र को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। मंत्री ने आरोप लगाया कि यह टीज़र केरल की छवि को गलत तरीके से पेश करता है और राज्य के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए चेरियन ने कहा कि टीज़र की पहली झलक से ही यह साफ हो जाता है कि यह फिल्म तथ्यों से कोई सरोकार न रखते हुए “संघ परिवार की उस फैक्ट्री” का उत्पाद है, जो झूठ गढ़ने और उसे प्रचारित करने के लिए जानी जाती है।
साजी चेरियन ने आरोप लगाया कि फिल्म के निर्माता केरल जैसे राज्य को, जिसे देश और दुनिया में सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक समरसता के मॉडल के रूप में देखा जाता है, जानबूझकर धार्मिक उग्रवाद के केंद्र के रूप में पेश करने का प्रयास कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि यह केरल को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बदनाम करने की एक सुनियोजित कोशिश है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की फिल्मों के जरिए राज्य की शांति, भाईचारे और सौहार्दपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की साजिश रची जा रही है।
अपने बयान में साजी चेरियन ने तथाकथित ‘लव जिहाद’ जैसे आरोपों का भी जिक्र किया, जिन्हें उन्होंने पूरी तरह से मनगढ़ंत और नफरत फैलाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि बार-बार ऐसे झूठे आरोपों को दोहराना, जिन्हें जांच एजेंसियां और अदालतें पहले ही खारिज कर चुकी हैं, केवल राजनीतिक लाभ के लिए समाज को बांटने का हथकंडा है। मंत्री के अनुसार, फिल्म के संवाद और कथानक नफरत को बढ़ावा देने वाले हैं और इनका उद्देश्य लोगों के बीच अविश्वास और तनाव पैदा करना है।
केरल के संस्कृति मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब यह नहीं है कि कोई भी देश को बांटने या समाज में नफरत फैलाने का लाइसेंस हासिल कर ले। उन्होंने कहा कि रचनात्मक स्वतंत्रता के नाम पर असत्य को सत्य के रूप में प्रस्तुत करना न केवल खतरनाक है, बल्कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों के भी खिलाफ है। साजी चेरियन ने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह की फिल्में समाज में पहले से मौजूद विभाजन को और गहरा करने का काम करती हैं।
मंत्री ने विश्वास जताया कि केरल की जनता ऐसे प्रयासों को एकजुट होकर नकारेगी। उन्होंने कहा कि राज्य ने हमेशा सांप्रदायिक राजनीति और नफरत की राजनीति का विरोध किया है और आगे भी करेगा। “केरल ऐसी किसी भी कोशिश के खिलाफ मजबूती से खड़ा रहेगा, जिसका उद्देश्य राजनीतिक फायदे के लिए सांप्रदायिक जहर फैलाना हो,” चेरियन ने अपने पोस्ट में लिखा। उन्होंने यह भी कहा कि केरल की सामाजिक संरचना इतनी मजबूत है कि वह किसी भी विभाजनकारी एजेंडे का सामना कर सकती है।
फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2: गोज़ बियॉन्ड’, जिसका टीज़र शुक्रवार को जारी किया गया, पहले भाग की तरह ही विवादों में घिरती नजर आ रही है। पहले भाग को लेकर भी देशभर में तीखी बहस हुई थी और कई राजनीतिक दलों तथा सामाजिक संगठनों ने उस पर तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया था। दूसरे भाग के टीज़र के सामने आते ही केरल में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। सत्तारूढ़ दल के नेता जहां इसे राज्य के खिलाफ दुष्प्रचार बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इस मुद्दे पर सतर्क नजर आ रहा है।
इस बयान के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं, खासकर ऐसे समय में जब हाल ही में साजी चेरियन खुद एक विवाद में घिरे थे। पिछले सप्ताह विपक्षी दलों ने स्थानीय निकाय चुनावों के बाद कासरगोड नगरपालिका और मलप्पुरम जिला पंचायत में विजेताओं के नामों को लेकर मंत्री द्वारा की गई कथित सांप्रदायिक टिप्पणी पर कड़ी आलोचना की थी। उस विवाद के बाद चेरियन को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी थी। उन्होंने कहा था कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया और उनका इरादा किसी भी समुदाय को ठेस पहुंचाने का नहीं था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘द केरल स्टोरी 2’ के टीज़र पर साजी चेरियन की प्रतिक्रिया केवल एक फिल्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस व्यापक वैचारिक टकराव का हिस्सा है, जो देश में सांप्रदायिकता और धर्मनिरपेक्षता को लेकर लगातार चलता रहा है। केरल को लंबे समय से सामाजिक समरसता और प्रगतिशील सोच के राज्य के रूप में देखा जाता रहा है, ऐसे में इस तरह की फिल्मों पर प्रतिक्रिया आना स्वाभाविक माना जा रहा है।
फिल्म के निर्देशक कमाख्या नारायण सिंह द्वारा निर्देशित इस फिल्म को लेकर अभी निर्माताओं की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन टीज़र जारी होते ही यह साफ हो गया है कि फिल्म रिलीज से पहले ही बड़े विवाद का रूप ले सकती है। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर तीखी बहस देखने को मिल रही है। कुछ लोग मंत्री के बयान का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बता रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सिनेमा और राजनीति की सीमाएं कहां तक हैं और क्या रचनात्मक स्वतंत्रता के नाम पर सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाना उचित है। साजी चेरियन के बयान के बाद यह तय माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में ‘द केरल स्टोरी 2’ को लेकर केरल ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी बहस और तेज होगी। फिलहाल, केरल सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री का यह कड़ा रुख इस बात का संकेत है कि राज्य में इस फिल्म को लेकर विरोध की आवाजें और बुलंद हो सकती हैं।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

