भेड़ाघाट के पास डोंगी नाव भंवर में फंसने के कारण चार श्रमिक नदी में कूद गए, जिनमें से एक की दुखद मौत

भेड़ाघाट के पास डोंगी नाव भंवर में फंसने के कारण चार श्रमिक नदी में कूद गए, जिनमें से एक की दुखद मौत

प्रेषित समय :20:58:00 PM / Sun, Feb 1st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. भेड़ाघाट क्षेत्र में एक बड़ा हादसा घटित हुआ जिसमें नर्मदा नदी की लहरों के साथ संघर्ष करते हुए एक श्रमिक को अपनी जान गंवानी पड़ी. यह हृदय विदारक घटना भेड़ाघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बंधा की है जहां मजदूरी के सिलसिले में आए चार श्रमिकों की जान उस वक्त जोखिम में पड़ गई जब उनकी डोंगी नदी के बीचों-बीच एक शक्तिशाली भंवर में फंस गई. 

मिली जानकारी के अनुसार रविवार रात लगभग 8 बजे पुलिस को इस हादसे की सूचना मिली जिसके बाद तत्काल एक टीम पावर प्लांट के समीप पहुंची. वहां मौजूद छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के ग्राम बकालो निवासी गणेश्वर सिंह ठाकुर ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि वे कुल 13 मजदूर काम के सिलसिले में यहां आए थे. घटना के वक्त चार श्रमिक डोंगी पर सवार होकर नदी पार करने का प्रयास कर रहे थे लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था.

जैसे ही उनकी छोटी सी नाव मझधार में पहुंची वहां पानी का एक भीषण भंवर बन रहा था जिसने नाव को अपनी गिरफ्त में ले लिया. नाव को डगमगाता देख और डूबने की आशंका से घबराकर चारों श्रमिकों ने जान बचाने के उद्देश्य से उफनती नर्मदा में छलांग लगा दी. हालांकि तीन मजदूर किसी तरह सुरक्षित किनारे तक पहुंचने में कामयाब रहे लेकिन उनका एक साथी पानी के तेज बहाव और भंवर के खिंचाव के कारण खुद को संभाल नहीं पाया और गहरे पानी में समा गया. 

पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और उस श्रमिक की डूबने से मृत्यु हो गई. इस हादसे ने एक बार फिर नदी पार करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले असुरक्षित साधनों और सुरक्षा उपकरणों की कमी को उजागर कर दिया है. छत्तीसगढ़ से आए ये मजदूर यहां रोजी-रोटी की तलाश में आए थे लेकिन रविवार की शाम उनके लिए मातम में बदल गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भंवर इतना शक्तिशाली था कि नाव पर नियंत्रण पाना लगभग असंभव हो गया था. पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है कि क्या नाव की क्षमता से अधिक लोग उस पर सवार थे या फिर जलस्तर में अचानक आए बदलाव के कारण यह हादसा हुआ.

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बंधा गांव के पास नर्मदा का यह हिस्सा काफी गहरा है और यहां अक्सर पानी के भीतर हलचल बनी रहती है जिससे नाव चलाना जोखिम भरा होता है. मृतक के साथियों में इस वक्त गहरा शोक व्याप्त है और वे अपने साथी को खोने के गम में डूबे हुए हैं. पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है. यह पूरी घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है क्योंकि जिस पावर प्लांट के पास यह हादसा हुआ वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने की उम्मीद की जाती है. 

यह हादसा प्रशासनिक ढिलाई और मजदूरों की मजबूरी का एक मिला-जुला परिणाम नजर आता है जहां चंद रुपयों की मजदूरी के लिए लोग अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं. भेड़ाघाट थाना पुलिस अब चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रही है ताकि घटना की कड़ियों को जोड़ा जा सके और यह पता लगाया जा सके कि क्या इस हादसे के पीछे कोई मानवीय लापरवाही भी जिम्मेदार थी. फिलहाल पूरे गांव और मजदूर बस्ती में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग इस दुखद अंत से स्तब्ध हैं. रविवार का दिन जो आराम और सुकून का होता है वह इन श्रमिकों के लिए एक कभी न भूलने वाला जख्म दे गया.  

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-