मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला समाज कल्याण बोर्ड भंग नर्मदा विस्थापितों को फ्री रजिस्ट्री की सौगात

मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला समाज कल्याण बोर्ड भंग नर्मदा विस्थापितों को फ्री रजिस्ट्री की सौगात

प्रेषित समय :20:09:25 PM / Tue, Feb 3rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

भोपाल। मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने कैबिनेट बैठक में कई अहम और चौंकाने वाले फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। वहीं नर्मदा घाटी के बांध विस्थापितों को बड़ी राहत देते हुए उनके आवंटित भूखंडों की रजिस्ट्री निशुल्क करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। इसके अलावा श्रम विभाग सहित छह विभागों की 10 महत्वपूर्ण योजनाओं को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने के लिए 15 हजार करोड़ रुपए से अधिक के बजट को मंजूरी दी गई है।

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार नर्मदा घाटी में सरदार सरोवर परियोजना से प्रभावित 25 हजार 600 से अधिक विस्थापित परिवारों को राहत प्रदान की जाएगी। सरकार ने इनके आवंटित आवासीय भूखंडों के पंजीयन को पूरी तरह निशुल्क करने का फैसला लिया है। इसके तहत स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क का करीब 600 करोड़ रुपए का भार नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा वहन किया जाएगा। सरकार के इस निर्णय से लंबे समय से रजिस्ट्री शुल्क की समस्या से जूझ रहे विस्थापित परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

कैबिनेट बैठक में राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई। इसके तहत बोर्ड में कार्यरत कर्मचारियों का संविलयन महिला एवं बाल विकास विभाग में किया जाएगा। निगम-मंडलों और बोर्डों में नियुक्तियों की चर्चाओं के बीच इस फैसले को प्रशासनिक दृष्टि से बड़ा बदलाव माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

बैठक में श्रम विभाग और अन्य विभागों की 10 महत्वपूर्ण योजनाओं को भी जारी रखने की स्वीकृति दी गई। संबल 2.0 योजना के तहत श्रमिकों के लिए 5 हजार करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसके साथ ही पशुपालन एवं डेयरी विभाग की कामधेनु योजना और गौ-संवर्धन के लिए 6 हजार 472 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। विधायक निधि के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र विकास योजनाओं के लिए 3 हजार 376 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इसके अलावा अल्पसंख्यक वर्ग, महिलाओं और घरेलू हिंसा पीड़ितों से संबंधित योजनाओं के लिए भी बजट स्वीकृत किया गया है।

कैबिनेट बैठक में कटनी और मैहर जिलों के किसानों के हित में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने 620 करोड़ रुपए की लागत वाली दो बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें धनवाही सूक्ष्म सिंचाई परियोजना शामिल है, जिसकी लागत 53.73 करोड़ रुपए है और इससे मैहर तथा कटनी क्षेत्र के 2 हजार 810 किसानों को लाभ मिलेगा। दूसरी योजना बरही सूक्ष्म उद्वहन परियोजना है, जिसकी लागत 566.92 करोड़ रुपए है। इस परियोजना से 11 हजार 500 किसानों को लाभ मिलेगा तथा लगभग 20 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित हो सकेगी।

सरकार के इन फैसलों को जनकल्याणकारी और किसान हितैषी कदम के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर विस्थापित परिवारों को राहत देने का प्रयास किया गया है, वहीं श्रमिकों, किसानों और विभिन्न सामाजिक वर्गों के लिए योजनाओं को जारी रखकर विकास कार्यों को गति देने की तैयारी की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा मिल सकती है।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-