इंफाल. मणिपुर में चल रही सियासी अनिश्चितता अब खत्म हो गई है। केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्य से राष्ट्रपति शासन हटा दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संबंध में एक नोटिफिकेशन जारी कर तत्काल प्रभाव से राष्ट्रपति शासन को खत्म करने का ऐलान किया। इसके साथ ही राज्य में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया और वरिष्ठ नेता युमनाम खेमचंद ने मणिपुर के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली है।
गृह मंत्रालय के आदेश के बाद इंफाल स्थित लोकभवन में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। मणिपुर के राज्यपाल अजय भल्ला ने युमनाम खेमचंद को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। राष्ट्रपति शासन हटने और नई सरकार के गठन से राज्य में अब स्थिरता आने की उम्मीद जताई जा रही है।
इंजीनियर से सीएम की कुर्सी तक का सफर
62 वर्षीय युमनाम खेमचंद मेतई समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और सिंगजामेई विधानसभा सीट से विधायक हैं। राजनीति में अपनी पहचान बनाने से पहले वे पेशे से एक इंजीनियर रहे हैं। खेमचंद की गिनती राज्य के कद्दावर नेताओं में होती है और वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बेहद करीबी माने जाते हैं। उनकी इसी पृष्ठभूमि और पकड़ को देखते हुए पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है।
बीरेन सरकार में मंत्री रह चुके हैं खेमचंद
युमनाम खेमचंद के पास प्रशासन चलाने का पुराना अनुभव है। इससे पहले एन. बीरेन सिंह की सरकार में वे नगर प्रशासन और आवास विभाग के मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि साल 2022 में भी वे मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदारों में शामिल थे, लेकिन तब बात नहीं बन पाई थी। अब बदली हुई परिस्थितियों के बीच आलाकमान ने राज्य की कमान उनके हाथों में सौंपी है।
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