संस्कारधानी में स्थापित होगा देश का सबसे बड़ा मल्टी फंक्शनल सिम्युलेटर

संस्कारधानी में स्थापित होगा देश का सबसे बड़ा मल्टी फंक्शनल सिम्युलेटर

प्रेषित समय :20:07:37 PM / Wed, Feb 4th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. संस्कारधानी अब  बहुत जल्द देश के मानचित्र पर एक बड़े तकनीकी केंद्र के रूप में उभरने वाला है.   शहर को देश के सबसे बड़े और अत्याधुनिक मल्टी फंक्शनल सिम्युलेटर की सौगात मिल गई है. यह केवल एक मशीन या तकनीकी ढांचा नहीं है बल्कि जबलपुर के युवाओं और आने वाली पीढ़ी के लिए वैश्विक स्तर के प्रशिक्षण और शोध के द्वार खोलने वाली एक महायोजना है. इस सिम्युलेटर की स्थापना के साथ ही जबलपुर अब तकनीक और नवाचार के मामले में दिल्ली और बेंगलुरु जैसे महानगरों को टक्कर देने की राह पर अग्रसर हो गया है. रक्षा और विमानन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सटीक प्रशिक्षण प्रदान करने की क्षमता रखने वाला यह प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को पूरी तरह से बदल कर रख देगा. जानकार बताते हैं कि इस सिम्युलेटर की कार्यप्रणाली इतनी जटिल और उन्नत है कि यहाँ एक ही स्थान पर विभिन्न प्रकार के वाहनों, विमानों और जटिल मशीनरी के संचालन का वास्तविक अनुभव प्राप्त किया जा सकेगा जो अब तक केवल विदेशों में ही संभव था.

इस विशाल परियोजना के लिए जबलपुर का चयन किया जाना इस बात का प्रमाण है कि शहर की भौगोलिक स्थिति और यहाँ मौजूद आधारभूत संरचना अब बड़े निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है. यह मल्टी फंक्शनल सिम्युलेटर न केवल रक्षा क्षेत्र के कर्मियों के लिए वरदान साबित होगा बल्कि इससे नागरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के क्षेत्रों में भी नई क्रांति आएगी. बताया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट के धरातल पर आने से जबलपुर के स्थानीय बाजार और रोजगार के क्षेत्र में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिलेगा क्योंकि इस स्तर के प्रशिक्षण केंद्र के संचालन के लिए सैकड़ों तकनीकी विशेषज्ञों और सहायक स्टाफ की आवश्यकता होगी. शहर के बुद्धिजीवियों और तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि जबलपुर को एक 'टेक-हब' के रूप में स्थापित करने की दिशा में पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है. सिम्युलेटर की सबसे बड़ी खासियत इसकी बहु-आयामी कार्यक्षमता है जो एक साथ कई विधाओं में प्रशिक्षण की सुविधा प्रदान करती है जिससे समय और धन दोनों की भारी बचत होगी.

जैसे ही इस खबर की आधिकारिक पुष्टि हुई पूरे जबलपुर शहर में उत्साह की लहर दौड़ गई है. सोशल मीडिया से लेकर चाय की दुकानों तक केवल इसी बात की चर्चा है कि अब जबलपुर रक्षा उत्पादन के बाद अब हाई-टेक ट्रेनिंग में भी देश का नेतृत्व करेगा. विशेषज्ञों के अनुसार इस सिम्युलेटर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वर्चुअल रियलिटी की ऐसी तकनीक का समावेश किया गया है जो प्रशिक्षुओं को शत-प्रतिशत वास्तविक वातावरण का अहसास कराती है. इससे पहले इस स्तर के प्रशिक्षण के लिए भारतीय एजेंसियों को विदेशी संस्थानों पर निर्भर रहना पड़ता था या फिर देश के अन्य हिस्सों में छोटे स्तर पर काम करना पड़ता था लेकिन अब जबलपुर इस कमी को पूरा करेगा. यह केंद्र न केवल देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करेगा बल्कि मित्र देशों के प्रशिक्षुओं को भी अपनी ओर आकर्षित करेगा जिससे शहर की अंतरराष्ट्रीय पहचान बनेगी.

इस सौगात के मिलने से जबलपुर के शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों में भी नई उम्मीद जगी है क्योंकि अब उन्हें अपनी इंटर्नशिप और प्रैक्टिकल नॉलेज के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा. स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग अब इस योजना को युद्ध स्तर पर क्रियान्वित करने की तैयारी में जुट गए हैं ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर इसे शुरू किया जा सके. जमीन के आवंटन से लेकर बिजली और पानी की आपूर्ति जैसी बुनियादी जरूरतों पर भी काम तेज कर दिया गया है. आने वाले समय में यह संस्थान शोधार्थियों के लिए भी एक पसंदीदा जगह बनेगा जहां वे नई तकनीकों का परीक्षण कर सकेंगे. जबलपुर के लिए यह पल वाकई गर्व का है क्योंकि यह विकास की वह दौड़ है जिसमें शहर अब सबसे आगे निकल चुका है. आज की यह बड़ी खबर यह भी रेखांकित करती है कि केंद्र और राज्य सरकार का ध्यान अब जबलपुर जैसे तेजी से उभरते शहरों पर केंद्रित है जहाँ विकास की अपार संभावनाएं छिपी हुई हैं. इस सिम्युलेटर की स्थापना न केवल तकनीक के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी बल्कि यह जबलपुर के गौरवशाली इतिहास में एक आधुनिक अध्याय भी जोड़ देगी.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-