नगर संवाददाता, जबलपुर. मध्यप्रदेश में धान खरीदी प्रक्रिया के दौरान अनियमितताओं को लेकर एक बड़ा मामला जिले के कुण्डम क्षेत्र से सामने आया है. धान खरीदी के अंतिम चरण में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए एक ट्रक जब्त किया है. प्रारंभिक जांच में ट्रक का इंदौर से आना सामने आया, जिससे पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया है. जिला कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने पूरे प्रकरण का खुलासा करते हुए बताया कि जांच के बाद बिचौलियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार धान खरीदी सत्र के अंतिम दिनों में प्रशासन को कुण्डम क्षेत्र में धान खरीदी में गड़बड़ी होने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं. शिकायतों में यह आरोप लगाया जा रहा था कि बाहरी क्षेत्रों से धान लाकर स्थानीय किसानों के नाम पर खरीदी केंद्रों में बेचने की कोशिश की जा रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल जांच टीम गठित कर फील्ड में निरीक्षण शुरू कराया.
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि जांच के दौरान नायब तहसीलदार सहित राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद थे. इसी दौरान संदिग्ध स्थिति में एक ट्रक को रोका गया. जब ट्रक चालक से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि ट्रक इंदौर से धान लेकर आया है. अधिकारियों के अनुसार इंदौर और कुण्डम के बीच काफी दूरी होने के कारण यह मामला तुरंत संदेह के घेरे में आ गया. प्रशासन को आशंका है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का लाभ उठाने के लिए बाहर से धान लाकर स्थानीय किसानों के नाम पर बेचने का प्रयास किया जा रहा था.
जांच टीम द्वारा ट्रक की जांच के दौरान दस्तावेजों और माल की स्थिति का परीक्षण किया गया. प्रारंभिक जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए, जिनसे यह संकेत मिला कि धान परिवहन और खरीदी प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन किया गया है. प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रक को जब्त कर लिया और पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी.
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की सुविधा उपलब्ध कराती है, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके. यदि बाहरी क्षेत्रों से धान लाकर खरीदी केंद्रों में बेचा जाता है तो इससे स्थानीय किसानों को नुकसान होता है और शासन की योजनाओं का दुरुपयोग होता है. उन्होंने कहा कि प्रशासन ऐसे मामलों को लेकर पूरी तरह सतर्क है और किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
प्रशासनिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे मामले में कुछ बिचौलियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है. जांच के आधार पर संबंधित बिचौलियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
धान खरीदी प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार निरीक्षण और निगरानी की जा रही है. कलेक्टर ने बताया कि जिले के सभी खरीदी केंद्रों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि केवल पात्र और पंजीकृत किसानों से ही धान खरीदी की जाए. यदि किसी केंद्र पर बाहरी धान खरीदी या फर्जीवाड़े की शिकायत मिलती है तो संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी.
इस घटना के सामने आने के बाद किसानों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई है. स्थानीय किसानों का कहना है कि यदि बाहरी धान खरीदी की अनुमति दी जाती है तो इसका सीधा नुकसान क्षेत्र के किसानों को उठाना पड़ता है. किसानों ने प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है.
प्रशासन ने इस मामले में परिवहन से जुड़े दस्तावेजों, खरीदी केंद्रों के रिकॉर्ड और संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है और इस प्रकार की अनियमितताओं में शामिल अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं.
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए संचालित की जाती है और इसमें किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी को गंभीर अपराध माना जाएगा. प्रशासन ने किसानों और आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी धान खरीदी में गड़बड़ी या फर्जीवाड़े की जानकारी मिलती है तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें.
कुण्डम क्षेत्र में पकड़े गए संदिग्ध ट्रक के मामले ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है और जिले में धान खरीदी प्रक्रिया की निगरानी और अधिक सख्त कर दी गई है. प्रशासन का कहना है कि जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

