सिक्किम में 8 घंटों में 12 बार भूकंप के झटके लगे, 4.5 की तीव्रता से हिली धरती, यहां था इसका केंद्र

सिक्किम में 8 घंटों में 12 बार भूकंप के झटके लगे, 4.5 की तीव्रता से हिली धरती, यहां था इसका केंद्र

प्रेषित समय :11:22:50 AM / Fri, Feb 6th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. सिक्किम में 5 फरवरी की देर रात से लेकर 6 फरवरी की सुबह 8 घंटों में भूकंप के 12 झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है. नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, सबसे शक्तिशाली भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.5 थी, जिसका केंद्र ग्यालशिंग के पास जमीन के नीचे 10 किलोमीटर की गहराई में था.

भारत के पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम में धरती लगातार कांप रही है. देर रात से लेकर अब तक करीब 12 बार भूकंप के झटके महसूस किए जाने से लोग सहमे हुए हैं. सबसे तेज झटका देर रात करीब 1 बजे आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.5 मापी गई. लगातार आ रहे इन झटकों ने लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया. यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब दुनिया के कई देश भूकंप की त्रासदी झेल रहे हैं. हालांकि, सिक्किम में अभी तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है, लेकिन बार-बार आ रहे झटकों ने चिंता बढ़ा दी है.

मुख्य भूकंप की तीव्रता 4.5 रही

नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी ने इस घटना की पुष्टि की है. अपने आधिकारिक बयान में हृष्टस् ने बताया कि सबसे शक्तिशाली भूकंप रात 1 बजकर 9 मिनट पर आया. इसका केंद्र सिक्किम के ग्यालशिंग में 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था. इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.5 दर्ज की गई, जो मध्यम श्रेणी का माना जाता है.

गंगटोक से नामची तक महसूस हुए झटके

मुख्य भूकंप के बाद भी झटकों का सिलसिला थमा नहीं. सिक्किम के अन्य प्रमुख शहरों जैसे गंगटोक, मंगन और नामची में भी हल्के से मध्यम तीव्रता के भूकंप दर्ज किए गए. इनकी तीव्रता 2 से 4 के बीच रही. एक के बाद एक आए इन झटकों ने लोगों की रात की नींद उड़ा दी और सुबह तक भी दहशत का माहौल बना रहा.

पड़ोसी देश म्यांमार भी कांपा

सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पड़ोसी देश म्यांमार में भी शुक्रवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. म्यांमार में सुबह 6 बजकर 3 मिनट पर भूकंप आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.9 मापी गई. इसका केंद्र जमीन से 96 किलोमीटर की गहराई में था. गौरतलब है कि म्यांमार भूकंप के लिहाज से एक संवेदनशील क्षेत्र रहा है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-