जबलपुर. स्वच्छता सर्वेक्षण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जबलपुर नगर निगम ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. शहर को कचरा मुक्त बनाने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट मील का पत्थर साबित हो रहा है. यह प्लांट न केवल शहर की गंदगी को साफ कर रहा है, बल्कि प्रतिदिन 800 टन से अधिक कचरे का वैज्ञानिक रूप से निस्तारण कर 11.5 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी कर रहा है. यह कचरा प्रबंधन का एक ऐसा मॉडल है जहां अपशिष्ट अब बोझ नहीं, बल्कि एक मूल्यवान संसाधन बन गया है.
प्लांट का निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने निगम अधिकारियों अपर आयुक्त अरविन्द शाह, अधीक्षण यंत्री कमलेश श्रीवास्तव, उपायुक्त संभव अयाची, कार्यपालन यंत्री शैलेन्द्र मिश्रा, स्वास्थ्य अधिकारी अंकिता बर्मन, सहायक यंत्री एवं स्वच्छता सेल के सहायक नोडल अधिकारी अभिनव मिश्रा, संभागीय अधिकारी प्रदीप मरावी, संभागीय यंत्री देवेन्द्र चौहान, पवन सिंह ठाकुर, आशीष पाटकर, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी अर्जुन यादव, पोला राव एवं कम्पनी के प्रतिनिधियों क्रमश: शीतेष पाण्डेय, नरेन्द्र सहारे, रोमेश त्रिपाठी के साथ प्लांट का निरीक्षण किया.
निगमायुक्त ने निरीक्षण के दौरान प्लांट की कार्यप्रणाली को बारीकी से समझा और बिजली उत्पादन की प्रक्रिया का अवलोकन किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नगर निगम का यह वेस्ट टू एनर्जी प्लांट पूरी क्षमता से कार्य कर रहा है यह स्वच्छता अभियान की सफलता के लिए वरदान बनेगा. उन्होंने कम्पनी के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि दिन.रात प्लांट चालू कर एकत्रित कचरे का निष्पादन वैज्ञानिक तरीके से शीघ्रता के साथ कराएं.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

