नगर संवाददाता, जबलपुर. जिले में अवैध रेत और खनिज उत्खनन के खिलाफ प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है. कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर गठित टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है. इसी अभियान के तहत शहपुरा क्षेत्र में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध उत्खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की. कार्रवाई के दौरान मालकछार क्षेत्र में नदी से रेत निकाल रहे लोगों ने प्रशासनिक टीम को देखते ही कश्ती नदी में डुबा दी और मौके से फरार हो गए. इस घटना के बाद प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में अवैध रेत उत्खनन लंबे समय से बड़ी समस्या बना हुआ है. इस पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त अभियान शुरू किया है. कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने जिले के सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष टीम बनाकर नियमित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. इसी क्रम में गुरुवार को शहपुरा एसडीएम के नेतृत्व में राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने मालकछार क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया.
प्रशासनिक टीम जब मालकछार क्षेत्र की नदी किनारे पहुंची तो वहां कुछ लोग नदी से अवैध रूप से रेत निकालते पाए गए. जैसे ही उत्खनन में शामिल लोगों को प्रशासनिक टीम के आने की सूचना मिली, उन्होंने मौके से भागने की कोशिश शुरू कर दी. बताया जा रहा है कि कार्रवाई से बचने के लिए उत्खनन में उपयोग की जा रही कश्ती को नदी में ही डुबा दिया गया, ताकि प्रशासन उसे जब्त न कर सके. इसके बाद मौके पर मौजूद लोग तेजी से फरार हो गए.
प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर अवैध उत्खनन से जुड़े साक्ष्य एकत्र किए हैं. टीम ने आसपास के क्षेत्र में तलाशी अभियान भी चलाया, लेकिन आरोपी मौके से फरार हो चुके थे. अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाकर अवैध उत्खनन में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
शहपुरा एसडीएम ने बताया कि जिले में अवैध खनन गतिविधियों को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि अवैध उत्खनन न केवल शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाता है, बल्कि पर्यावरण और नदी तंत्र पर भी गंभीर प्रभाव डालता है. नदी के प्राकृतिक स्वरूप को बनाए रखने और जल स्तर की सुरक्षा के लिए अवैध रेत उत्खनन पर रोक लगाना अत्यंत आवश्यक है.
प्रशासन ने बताया कि अवैध उत्खनन करने वाले अक्सर कार्रवाई से बचने के लिए नए तरीके अपनाते हैं. कई मामलों में आरोपी प्रशासनिक टीम को देखकर मशीनें और उपकरण मौके पर छोड़कर फरार हो जाते हैं या उन्हें नष्ट करने का प्रयास करते हैं. मालकछार क्षेत्र में कश्ती को नदी में डुबोना भी इसी प्रकार की कोशिश मानी जा रही है. अधिकारियों ने कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ खनिज अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी.
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई गई है. उन्होंने सभी एसडीएम और संबंधित विभागों को नियमित निगरानी और संयुक्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि मालकछार क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन की गतिविधियां चल रही थीं. ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत करते हुए मांग की है कि इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रखी जाए, ताकि अवैध खनन पूरी तरह रोका जा सके. ग्रामीणों का यह भी कहना है कि अवैध उत्खनन के कारण नदी का प्राकृतिक संतुलन प्रभावित हो रहा है और आसपास के क्षेत्रों में जल स्तर पर भी असर पड़ रहा है.
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध उत्खनन या खनिज परिवहन की जानकारी मिलती है तो तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करें. अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों की सूचना से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकता है.
मालकछार क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में निगरानी और बढ़ा दी है. खनिज विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि जिले में अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा. प्रशासन का यह अभियान जिले में खनिज संसाधनों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

