एमपी को केन्द्रीय बजट से रेल परियोजनाओं को मिलेगी गति, इतने फंड का हुआ है आवंटन

एमपी को केन्द्रीय बजट से रेल परियोजनाओं को मिलेगी गति, इतने फंड का हुआ है आवंटन

प्रेषित समय :20:32:25 PM / Fri, Feb 6th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. केन्द्रीय बजट 2026-27 में भारतीय रेलवे के लिए 2,93,030 करोड़ का रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) तथा सुरक्षा के लिए 1.20 लाख करोड़ का आवंटन हुआ है. इसी क्रम में मध्य प्रदेश को रेलवे के लिए 15,188 करोड़ का बजट प्राप्त हुआ है, जिससे राज्य में रेल अवसंरचना, संरक्षा, सुरक्षा, यात्री सुविधाओं एवं माल ढुलाई क्षमता को नई गति मिलेगी. वर्ष 2009 से 2014 की तुलना में 24 गुना अधिक बजट आवंटन से मध्य प्रदेश को रेलवे की विकास के प्रगति को बल मिलेगा.

मध्य प्रदेश में कुल 1,18,379 करोड़ की विभिन्न रेल परियोजनाएँ प्रगति पर हैं तथा राज्य की 100 प्रतिशत रेल लाइनों का विद्युतीकरण पूर्ण हो चुका है. अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत राज्य के 80 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें से वर्ष 2025 में कुछ स्टेशनों का उद्घाटन माननीय प्रधानमंत्री द्वारा किया जा चुका है.

एमपी में चल रही ये प्रमुख परियोजनाएं

राज्य में प्रमुख परियोजनाओं में रामगंजमंडी–भोपाल, ललितपुर–सिंगरौली और इंदौर–बुदनी, इंदौर- मनमाड नई लाइनें, बीना–कटनी तृतीय लाइन, सतना–रीवा एवं कटनी–सिंगरौली दोहरीकरण, कटनी ग्रेड सेपरेटर तथा बीना–भोपाल–इटारसी चतुर्थ लाइन एवं गेज परिवर्तन परियोजनायें शामिल हैं, जिनसे रेल क्षमता, समयपालन और माल ढुलाई में उल्लेखनीय सुधार होगा.

सुरक्षा के लिए कवच

सुरक्षा के क्षेत्र में मध्य प्रदेश के 4,591 रूट किलोमीटर पर कवच प्रणाली लागू करने की योजना तैयार की जा चुकी है. यात्री सुविधाओं के अंतर्गत राज्य में वंदे भारत एक्सप्रेस एवं अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है. इस वर्ष भी राज्य में वंदे भारत एक्सप्रेस एवं अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों और कुछ नई ट्रेनों को भी संचालन को सुनिश्चित की जाएगी.

माल लदान, लॉजिस्टिक्स पर खास ध्यान

माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स दक्षता की क्षमता को बढ़ावा देने के लिए, केन्द्रीय बजट में पश्चिम बंगाल के डंकुनी से गुजरात के सूरत तक एक नए समर्पित मालवाहक कॉरिडोर का प्रस्ताव किया गया है, जो ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से होकर गुजरेगा. 2,052 किमी लंबा यह कॉरिडोर मौजूदा पश्चिमी समर्पित मालवाहक कॉरिडोर से जुड़ेगा, जिससे पश्चिमी तट के बंदरगाहों तक माल की बिना किसी रुकावट के आवाजाही हो सकेगी.

यह पूर्व–पश्चिम कॉरिडोर मध्य प्रदेश के क्षेत्रों में व्यापार प्रवाह को सुदृढ़ करेगा, मौजूदा रेल नेटवर्क पर दबाव कम करेगा और माल ढुलाई की दक्षता बढ़ाएगा, जिससे औद्योगिक विकास और आपूर्ति शृंखलाओं को काफी लाभ मिलेगा.  इस बजट के माध्यम से मध्य प्रदेश में सभी रेल परियोजनाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय प्रावधान किया गया है, जिससे कार्यों को लक्षित समय में पूर्ण किया जा सकेगा तथा राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-