पाकिस्तान में जुमे की नमाज के दौरान मस्जिद में आत्मघाती हमला, 50 से ज्यादा लोगों की मौत, इमरजेंसी लागू

पाकिस्तान में जुमे की नमाज के दौरान मस्जिद में आत्मघाती हमला, 50 से ज्यादा लोगों की मौत, इमरजेंसी लागू

प्रेषित समय :19:07:56 PM / Fri, Feb 6th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

इस्लामाबाद. पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद आज जुमे की नमाज के दौरान एक भीषण आतंकी हमले से दहल उठी. यहां तारलाई इलाके में स्थित एक प्रमुख मस्जिद में हुए शक्तिशाली बम धमाके ने कोहराम मचा दिया है.

शुरुआती रिपोर्ट्स और चश्मदीदों के मुताबिक, इस हमले में 50 से ज्यादा लोगों की मौत होने की आशंका है, जबकि 70 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. मस्जिद में नमाजियों की भारी भीड़ थी, जिस वजह से हताहतों की संख्या इतनी ज्यादा है. हालांकि, पाकिस्तान सरकार ने अभी तक आधिकारिक तौर पर 12 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है.

रोके जाने पर हमलावर ने खुद को उड़ाया

यह दिल दहला देने वाली घटना कसर-ए-खदीजतुल कुबरा मस्जिद में हुई, जिसे शिया समुदाय की बड़ी मस्जिद माना जाता है. दोपहर करीब 1 बजे जब लोग नमाज अदा करने के लिए मस्जिद में जुट रहे थे, तभी एक आत्मघाती हमलावर वहां पहुंचा. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हमलावर मस्जिद के मुख्य हॉल में घुसना चाहता था, लेकिन गेट पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोक लिया. जैसे ही उसकी जांच शुरू की गई, संदिग्ध ने खुद को बम से उड़ा लिया. धमाका इतना जबरदस्त था कि मौके पर मौजूद लोगों के शरीर के अंग इधर-उधर बिखर गए और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई.

टीटीपी पर शक, अस्पतालों में इमरजेंसी

विस्फोट के बाद इस्लामाबाद में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और प्रशासन ने इमरजेंसी लगा दी है. घायलों को आनन-फानन में पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएम) और सीडीए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है. इस्लामाबाद पुलिस का कहना है कि आत्मघाती हमलावर के तार अफगानिस्तान से जुड़े हो सकते हैं और इस हमले के पीछे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) का हाथ होने का शक है. हालांकि, अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की आधिकारिक जिम्मेदारी नहीं ली है. मौके पर पुलिस और सेना ने मोर्चा संभाल लिया है और पूरे इलाके को सील कर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.

शिया समुदाय था निशाना

जिस मस्जिद को निशाना बनाया गया, वह शिया समुदाय की है, जिससे यह साफ होता है कि हमलावर एक विशेष समुदाय को टारगेट करने आए थे. पाकिस्तान में शिया आबादी कुल जनसंख्या का लगभग 10 से 12 प्रतिशत है और अक्सर आतंकी संगठनों के निशाने पर रहती है. राजधानी इस्लामाबाद की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि नवंबर 2025 के बाद यह शहर में दूसरा बड़ा धमाका है. इससे पहले नवंबर 2025 में इस्लामाबाद कोर्ट के बाहर हुए विस्फोट में 12 लोगों की जान गई थी और 36 लोग घायल हुए थे, उस हमले के पीछे भी टीटीपी का हाथ बताया गया था.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-