मुंबई. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष समारोह के तहत आयोजित व्याख्यानमाला कार्यक्रम में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की उपस्थिति ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में व्यापक चर्चा छेड़ दी है। 7 फरवरी को नेहरू सेंटर ऑडिटोरियम में आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम में सलमान खान के शामिल होने को लेकर देशभर में लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। कार्यक्रम का मुख्य विषय “संघ के 100 वर्ष की यात्रा नए क्षितिज” रखा गया था, जिसमें संगठन के इतिहास, सामाजिक भूमिका और भविष्य की दिशा पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस कार्यक्रम में सलमान खान के अलावा अभिनेता रणबीर कपूर, फिल्म निर्देशक सुभाष घई और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी समेत कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं। आयोजन में 900 से अधिक विशिष्ट व्यक्तियों, वैज्ञानिकों, उद्योगपतियों और कलाकारों ने भाग लिया। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों और आमंत्रित वक्ताओं ने संगठन की कार्यप्रणाली और समाज में उसकी भूमिका पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इस आयोजन को संघ के शताब्दी वर्ष के विशेष जनसंपर्क अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसके माध्यम से संगठन अपने विचारों और कार्यों को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।
सलमान खान का इस कार्यक्रम में शामिल होना विशेष रूप से चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि बॉलीवुड और संघ के कार्यक्रमों के बीच इस तरह की उपस्थिति को लोग अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं। सोशल मीडिया पर इसको लेकर समर्थक और आलोचक दोनों प्रकार की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोगों ने इसे सामाजिक संवाद और विचारों के आदान-प्रदान का सकारात्मक प्रयास बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक दृष्टि से जोड़कर भी देखा है। हालांकि सलमान खान ने कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान किसी राजनीतिक बयान से दूरी बनाए रखी और आयोजन में केवल एक आम अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने भी अपने संबोधन में संगठन के उद्देश्य और कार्यशैली को लेकर महत्वपूर्ण बातें रखीं। उन्होंने कहा कि संघ किसी के खिलाफ काम नहीं करता और न ही किसी घटना की प्रतिक्रिया के रूप में कार्य करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन का मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक प्रयासों को समर्थन देना और देश को मजबूत बनाना है। मोहन भागवत ने अपने भाषण में भारत के विश्वगुरु बनने की अवधारणा पर भी विस्तार से चर्चा की और कहा कि भारत का विश्वगुरु बनना किसी पर प्रभुत्व स्थापित करने से नहीं बल्कि अपने आचरण और उदाहरण से संभव होगा।
उन्होंने कहा कि भारत को विश्वगुरु बनने के लिए चरित्र निर्माण, सामाजिक संगठन और समाज के समग्र विकास पर ध्यान देना होगा। उन्होंने धर्म की व्याख्या करते हुए कहा कि धर्म केवल किसी एक धर्म या संप्रदाय तक सीमित नहीं है बल्कि यह पूरी सृष्टि को संचालित करने वाला सिद्धांत है। उनके अनुसार धर्म का अर्थ सभी जीवों के प्रति कर्तव्य भावना और सार्वभौमिक अनुशासन से जुड़ा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ही वह देश है जो दुनिया को पूंजीवाद और साम्यवाद के बीच संतुलन बनाने का मार्ग दिखा सकता है।
व्याख्यानमाला कार्यक्रम का उद्देश्य संघ के 100 वर्षों की यात्रा को समाज के सामने प्रस्तुत करना और भविष्य की दिशा को लेकर विचार-विमर्श करना बताया गया है। इस दौरान विभिन्न वक्ताओं ने संघ की सामाजिक सेवा गतिविधियों, सांस्कृतिक संरक्षण और राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका पर चर्चा की। कार्यक्रम में युवाओं और बुद्धिजीवियों की बड़ी संख्या भी मौजूद रही, जिससे यह आयोजन केवल एक औपचारिक समारोह न रहकर विचारों के मंच के रूप में भी सामने आया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों में फिल्म और कला जगत से जुड़े लोगों की भागीदारी संगठन की सामाजिक पहुंच को व्यापक बनाने की रणनीति का हिस्सा हो सकती है। वहीं कुछ विशेषज्ञ इसे समाज के विभिन्न क्षेत्रों के बीच संवाद और सहयोग बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक पहल मान रहे हैं। सलमान खान जैसे लोकप्रिय अभिनेता की उपस्थिति ने कार्यक्रम को व्यापक जनचर्चा का विषय बना दिया है और इससे संघ के शताब्दी समारोह को राष्ट्रीय स्तर पर अतिरिक्त पहचान मिली है।
कार्यक्रम का दूसरा दिन 8 फरवरी को आयोजित किया जाएगा, जिसमें संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ भविष्य की सामाजिक चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। संघ के पदाधिकारियों के अनुसार इस शताब्दी वर्ष के दौरान देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य संगठन के विचारों को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाना और राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी को बढ़ावा देना है।
मुंबई जैसे महानगर में आयोजित इस कार्यक्रम को संघ के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह शहर देश के आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में जाना जाता है। यहां आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से संगठन ने समाज के विभिन्न वर्गों के साथ संवाद स्थापित करने का प्रयास किया है। आयोजन में शामिल विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों ने इसे विचारों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच बताया।
सलमान खान की उपस्थिति ने कार्यक्रम को मनोरंजन जगत और आम जनता के बीच चर्चा का केंद्र बना दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि अभिनेता ने इस दौरान किसी भी प्रकार की राजनीतिक टिप्पणी से दूरी बनाए रखी और कार्यक्रम में केवल अतिथि के रूप में भाग लिया।
संघ के शताब्दी वर्ष के इस आयोजन को संगठन की दीर्घकालीन यात्रा और भविष्य की दिशा को लेकर महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम में व्यक्त किए गए विचारों और संदेशों का प्रभाव आने वाले समय में सामाजिक और वैचारिक स्तर पर देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रम समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने और विचारों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

