दुनिया भर में अपने स्वाद और पारिवारिक माहौल के लिए पहचान बनाने वाली फास्ट फूड कंपनी पिज्जा हट अब अमेरिका में बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह साल 2026 की पहली छमाही के दौरान अमेरिका में अपने 250 रेस्टोरेंट बंद करने जा रही है। इस फैसले ने फास्ट फूड इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है और बाजार विशेषज्ञों के बीच कंपनी की रणनीति को लेकर नई बहस छिड़ गई है। पिज्जा हट की पैरेंट कंपनी यम ब्रांड्स ने यह फैसला कंपनी की मौजूदा चुनौतियों और गिरते प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए लिया है।
यम ब्रांड्स, जिसके तहत केएफसी, टैको बेल और हैबिट बर्गर जैसे बड़े ब्रांड भी आते हैं, ने पिछले साल पिज्जा हट के प्रदर्शन की व्यापक समीक्षा शुरू की थी। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि पिज्जा हट को बदलते बाजार और ग्राहकों की नई पसंद के अनुरूप खुद को ढालने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी के कई उत्पाद अब ग्राहकों को पुराने और कम आकर्षक लगने लगे हैं, जिससे बिक्री पर असर पड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में पिज्जा हट की बिक्री में पिछले वर्ष लगभग 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी।
कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी रंजीत रॉय ने बताया कि पिज्जा हट के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए ‘हट फॉरवर्ड’ नाम से एक विशेष कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस योजना के तहत मार्केटिंग रणनीति को मजबूत किया जाएगा, नई तकनीकों को लागू किया जाएगा और फ्रेंचाइजी समझौतों को आधुनिक बनाया जाएगा। साथ ही, कंपनी उन स्टोर्स को बंद करने की अनुमति दे रही है जो लंबे समय से खराब प्रदर्शन कर रहे हैं। कंपनी का मानना है कि इस कदम से ब्रांड को भविष्य में मजबूती मिलेगी और संचालन अधिक प्रभावी बन सकेगा।
पिज्जा हट के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी डोमिनोज पिज्जा से मिल रही है। डोमिनोज ने पिछले कुछ वर्षों में ग्राहकों की पसंद के अनुसार अपने मेन्यू और तकनीकी सेवाओं में तेजी से बदलाव किए हैं। जानकारी के अनुसार, डोमिनोज ने पिछले साल अमेरिका में अपने स्टोर्स की बिक्री में लगभग 2.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की थी। वहीं पिज्जा हट लगातार बाजार हिस्सेदारी खोता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि डोमिनोज की तेज डिलीवरी सेवा, डिजिटल ऑर्डरिंग सिस्टम और नए फ्लेवर विकल्पों ने ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित किया है।
पिज्जा हट ने भी ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कई नए प्रयोग किए थे, जिनमें पांच डॉलर की कीमत वाला नया पिज्जा लॉन्च करना भी शामिल था। हालांकि, यह योजना उत्तरी अमेरिका के बाजार में अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सकी। कंपनी के अन्य ब्रांड जैसे टैको बेल और केएफसी ने पिछले साल धीरे-धीरे सुधार दिखाया है, लेकिन पिज्जा हट इस प्रतिस्पर्धा में पिछड़ता नजर आया है। इसके बावजूद यम ब्रांड्स के शेयर इस साल लगभग 6 प्रतिशत तक बढ़े हैं, जो दर्शाता है कि निवेशक कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति पर भरोसा कर रहे हैं।
आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 के अंत तक पिज्जा हट के दुनियाभर में कुल 19,974 आउटलेट थे, जो पिछले साल की तुलना में कम हैं। कंपनी ने पिछले वर्ष 65 देशों में करीब 1,200 नए स्टोर खोले थे, लेकिन बंद होने वाले स्टोर्स की संख्या उससे अधिक रही। यह स्थिति कंपनी के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि फास्ट फूड इंडस्ट्री में तेजी से बदलते ट्रेंड और ग्राहकों की बदलती जीवनशैली के कारण कंपनियों को लगातार नई रणनीतियां अपनानी पड़ रही हैं।
पिज्जा हट की पहचान लंबे समय तक परिवार और दोस्तों के साथ बैठकर खाना खाने वाले रेस्टोरेंट के रूप में रही है। लेकिन डिजिटल युग में ग्राहकों की प्राथमिकताएं तेजी से बदल रही हैं। अब लोग घर बैठे ऑनलाइन ऑर्डर और फास्ट डिलीवरी को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इसी बदलाव के कारण कई पारंपरिक रेस्टोरेंट मॉडल कमजोर पड़ रहे हैं। पिज्जा हट को भी इसी बदलाव के अनुरूप खुद को ढालने की जरूरत महसूस हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी द्वारा कमजोर प्रदर्शन करने वाले स्टोर्स को बंद करना एक रणनीतिक कदम हो सकता है। इससे कंपनी अपने संसाधनों को मजबूत और लाभकारी स्टोर्स पर केंद्रित कर सकेगी। साथ ही नई तकनीक और डिजिटल सेवाओं में निवेश करने से कंपनी भविष्य में प्रतिस्पर्धा में टिक सकती है। हालांकि, इस फैसले का असर उन कर्मचारियों पर भी पड़ सकता है जो इन स्टोर्स में काम करते हैं। रोजगार पर संभावित प्रभाव को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
फास्ट फूड इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। नई कंपनियां और लोकल ब्रांड भी बाजार में तेजी से अपनी जगह बना रहे हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ने से भी फास्ट फूड कंपनियों को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कई ग्राहक अब हेल्दी और ऑर्गेनिक विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे में कंपनियों को अपने मेन्यू में बदलाव करने के साथ-साथ नई मार्केटिंग रणनीतियां अपनानी पड़ रही हैं।
पिज्जा हट का यह फैसला आने वाले समय में फास्ट फूड इंडस्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कंपनी अपनी नई रणनीतियों को सफलतापूर्वक लागू कर पाती है तो वह दोबारा मजबूत स्थिति हासिल कर सकती है। वहीं अगर बदलाव ग्राहकों की उम्मीदों के अनुसार नहीं हुआ तो कंपनी को और कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल पिज्जा हट अपने ब्रांड को आधुनिक बनाने और ग्राहकों के बीच दोबारा लोकप्रिय बनाने की दिशा में काम कर रही है। कंपनी का कहना है कि स्टोर्स बंद करने का फैसला अस्थायी चुनौती से निपटने और भविष्य में बेहतर विकास सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी की नई रणनीति बाजार में कितना असर दिखाती है और क्या पिज्जा हट एक बार फिर अपनी पुरानी लोकप्रियता हासिल कर पाता है या नहीं।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

