भारतीय क्रिकेट जगत में पिछले कुछ समय से विराट कोहली और टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर के रिश्ते को लेकर चल रही चर्चाओं पर अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने स्पष्ट बयान दिया है. सैकिया ने इन तमाम अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने कभी कोहली और गंभीर को आपस में लड़ते या टकराते नहीं देखा.
भारत टुडे पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान BCCI सचिव ने कहा कि विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच संबंध पूरी तरह सौहार्दपूर्ण हैं और दोनों के बीच किसी तरह का तनाव नहीं है. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और क्रिकेट गलियारों में जो बातें फैल रही हैं, उनका जमीनी हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है.
गौरतलब है कि गौतम गंभीर के भारतीय टीम का मुख्य कोच बनने के बाद से ही उनके और विराट कोहली के रिश्ते को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं. इसकी एक बड़ी वजह दोनों खिलाड़ियों के बीच इंडियन प्रीमियर लीग के दौरान हुए पुराने विवाद माने जाते हैं, जब मैदान पर दोनों के बीच तीखी बहस देखने को मिली थी. इन्हीं घटनाओं के चलते यह धारणा बनी कि दोनों के रिश्ते सहज नहीं हैं.
हालांकि देवजीत सैकिया ने इन अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब भी उन्होंने कोहली और गंभीर को साथ देखा है, दोनों के बीच पूरी तरह पेशेवर और सम्मानजनक व्यवहार रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि जब दोनों देश का प्रतिनिधित्व कर रहे होते हैं, तब व्यक्तिगत मतभेद जैसी कोई चीज मायने नहीं रखती.
सैकिया ने यह भी स्पष्ट किया कि आईपीएल के दौरान हुए किसी घटनाक्रम को आधार बनाकर मौजूदा रिश्तों का आकलन करना सही नहीं है. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टीम के हित सर्वोपरि होते हैं और कोच तथा खिलाड़ी उसी दिशा में काम करते हैं.
कोहली के करियर को लेकर भी हाल के वर्षों में कई चर्चाएं रही हैं. वर्ष 2025 में विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी, जिसके बाद सीमित ओवरों की क्रिकेट में उनकी भूमिका पर सवाल उठने लगे थे. खास तौर पर 2027 वनडे विश्व कप को लेकर यह बहस तेज थी कि क्या कोहली उस समय तक टीम का हिस्सा रहेंगे.
हालांकि मौजूदा समय में विराट कोहली का प्रदर्शन इन तमाम शंकाओं पर भारी पड़ता नजर आ रहा है. 37 वर्ष की उम्र में कोहली अपने वनडे करियर के सर्वश्रेष्ठ दौर में माने जा रहे हैं. हालिया छह एकदिवसीय मैचों में उन्होंने तीन शतक और एक 93 रन की पारी खेलकर अपनी फॉर्म का जोरदार प्रदर्शन किया है.
कोहली और गंभीर के रिश्तों को लेकर चर्चा की एक और वजह भारतीय क्रिकेट बोर्ड का वह सख्त रुख भी रहा है, जिसमें वरिष्ठ खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय ड्यूटी से बाहर रहने पर घरेलू क्रिकेट खेलने के लिए प्रोत्साहित किया गया. इसी नीति के तहत विराट कोहली ने लंबे अंतराल के बाद रणजी ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी में भी हिस्सा लिया.
इस फैसले को लेकर भी यह कयास लगाए गए कि शायद टीम मैनेजमेंट और सीनियर खिलाड़ियों के बीच मतभेद हैं, लेकिन BCCI सचिव के बयान के बाद इन अटकलों को भी विराम मिलता दिखाई दे रहा है.
देवजीत सैकिया ने यह भी याद दिलाया कि गौतम गंभीर और विराट कोहली पहले ही एक साथ काम करते हुए भारत को बड़ी सफलता दिला चुके हैं. दोनों की मौजूदगी में भारतीय टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब अपने नाम किया था, जो इस बात का प्रमाण है कि टीम के भीतर तालमेल मजबूत रहा है.
क्रिकेट विशेषज्ञों का भी मानना है कि व्यक्तिगत मतभेद की चर्चाएं अक्सर मैदान के बाहर ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश की जाती हैं. कोहली और गंभीर दोनों ही बेहद प्रतिस्पर्धी स्वभाव के रहे हैं और मैदान पर आक्रामकता दिखाना उनकी पहचान का हिस्सा रहा है, लेकिन पेशेवर स्तर पर दोनों टीम के लक्ष्य के लिए एकजुट रहे हैं.
BCCI सचिव के बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि कोहली और गंभीर के बीच कथित टकराव की खबरों में कोई ठोस आधार नहीं है. फिलहाल भारतीय टीम का फोकस आगामी अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों और बड़े टूर्नामेंटों पर है, जहां अनुभव और नेतृत्व दोनों की अहम भूमिका होगी.
देवजीत सैकिया के दो टूक बयान ने यह संकेत दे दिया है कि टीम प्रबंधन और सीनियर खिलाड़ियों के बीच समन्वय बना हुआ है और अफवाहों के बीच भारतीय क्रिकेट अपनी तय दिशा में आगे बढ़ रहा है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

