नई दिल्ली. महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की बारामती में हुए घातक लियरजेट 45 विमान हादसे को लेकर अब राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है. एनसीपी (शरद पवार गुट) के नेता रोहित पवार ने इस दुर्घटना को लेकर साजिश की आशंका जताई है. वहीं दूसरी ओर, इस हादसे के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने गैर-निर्धारित (चार्टर) विमान ऑपरेटरों का विशेष सुरक्षा ऑडिट शुरू कर दिया है.
रोहित पवार ने उठाए सवाल
रोहित पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पूरे महाराष्ट्र में यह सवाल उठ रहा है कि अजीत पवार की मौत दुर्घटना थी या साजिश. उन्होंने दावा किया कि हादसे से पहले अंतिम 24 घंटों में यात्रा योजना में कई बदलाव हुए थे, जिससे संदेह पैदा हो रहा है.
उनके अनुसार, अजीत पवार को हादसे से एक दिन पहले मुंबई से पुणे कार से जाना था और सुरक्षा काफिला भी तैयार था, लेकिन वह कार से नहीं गए. रोहित पवार ने यह भी दावा किया कि अजीत पवार की किसी बड़े नेता से मुलाकात प्रस्तावित थी, जिसके कारण यात्रा योजना बदली हो सकती है
हादसे की जांच जारी
28 जनवरी 2026 को मुंबई से बारामती जा रहा चार्टर्ड लियरजेट 45 विमान रनवे पर उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इस हादसे में अजीत पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें पायलट, को-पायलट, फ्लाइट अटेंडेंट और उनका सुरक्षा अधिकारी शामिल थे.
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) और डीजीसीए इस मामले की जांच कर रहे हैं. विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है और उसका डेटा विश्लेषण किया जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जल्द जारी की जा सकती है.
डीजीसीए का बड़ा फैसला
हादसे के बाद डीजीसीए ने चार्टर विमान ऑपरेटरों का चरणबद्ध विशेष सुरक्षा ऑडिट शुरू किया है. यह जांच बड़े ऑपरेटरों से शुरू की गई है, जिसमें दुर्घटनाग्रस्त विमान का संचालन करने वाली कंपनी भी शामिल है.
अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता. ब्लैक बॉक्स डेटा से हादसे के कारणों का खुलासा होने की उम्मीद है.डीजीसीए ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष सुरक्षा ऑडिट चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा. इसमें सबसे पहले बड़ी चार्टर कंपनियों की जांच की जाएगी. इस प्रक्रिया की शुरुआत 4 फरवरी 2026 से कर दी गई है और दुर्घटनाग्रस्त विमान संचालित करने वाली कंपनी वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड को भी इस जांच में शामिल किया गया है. डीजीसीए के अनुसार इस ऑडिट का उद्देश्य चार्टर विमान सेवाओं की सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा करना और संभावित खामियों की पहचान करना है.
बारामती में हुए इस विमान हादसे की जांच तेज गति से जारी है. एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो यानी एएआईबी और डीजीसीए संयुक्त रूप से इस मामले की जांच कर रहे हैं. दुर्घटना में अजीत पवार के अलावा उनके निजी सुरक्षा अधिकारी, विमान के पायलट, सह पायलट और फ्लाइट अटेंडेंट की भी मौत हो गई थी. यह हादसा उस समय हुआ जब चार्टर विमान मुंबई से बारामती के लिए उड़ान भरकर वहां उतरने की कोशिश कर रहा था.
इस मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता उस समय मिली जब दुर्घटनाग्रस्त विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया. केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने पुष्टि की कि ब्लैक बॉक्स सुरक्षित रूप से प्राप्त कर लिया गया है और उसकी तकनीकी जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि ब्लैक बॉक्स से प्राप्त डाटा को जल्द ही डाउनलोड कर विश्लेषण किया जाएगा. इस डाटा से दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में अहम मदद मिलने की उम्मीद है.
मुरलीधर मोहोल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह तकनीकी और विस्तृत होगी. उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट ब्लैक बॉक्स के डाटा विश्लेषण और अन्य तकनीकी जांच पूरी होने के बाद जारी की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि दुर्घटना की जांच एएआईबी नियम 2025 के नियम 5 और 11 के तहत की जा रही है ताकि हादसे के सभी पहलुओं की निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित की जा सके.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-



