टी20 विश्व कप 2026 के बीच श्रीलंका क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है. टीम के स्टार ऑलराउंडर वानिंदु हसरंगा हैमस्ट्रिंग चोट के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं. यह चोट उन्हें आयरलैंड के खिलाफ खेले गए शुरुआती मुकाबले के दौरान लगी थी. हसरंगा के बाहर होने से श्रीलंका की टीम को बड़ा नुकसान माना जा रहा है, क्योंकि वह टीम के सबसे भरोसेमंद गेंदबाज और अहम ऑलराउंडर खिलाड़ियों में शामिल हैं.
28 वर्षीय वानिंदु हसरंगा ने आयरलैंड के खिलाफ खेले गए मैच में शानदार प्रदर्शन किया था. उन्होंने अपने चार ओवर के स्पेल में 25 रन देकर तीन महत्वपूर्ण विकेट झटके थे और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी. मैच के बाद उनकी चोट को लेकर आशंका जताई गई थी, जिसके बाद उनका एमआरआई स्कैन कराया गया. स्कैन रिपोर्ट में बाएं पैर की हैमस्ट्रिंग चोट की पुष्टि हुई, जिसके चलते उन्हें टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा.
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि हसरंगा का बाहर होना श्रीलंका की रणनीति और संतुलन पर बड़ा असर डाल सकता है. वह न सिर्फ टीम के प्रमुख स्पिन गेंदबाज हैं, बल्कि मध्यक्रम में बल्लेबाजी के दौरान भी अहम योगदान देते रहे हैं. खासतौर पर टी20 प्रारूप में उनकी उपयोगिता काफी ज्यादा मानी जाती है.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी ने फिलहाल उनके स्थान पर किसी खिलाड़ी को शामिल करने की आधिकारिक मंजूरी नहीं दी है. हालांकि रिपोर्ट्स के मुताबिक श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड हसरंगा की जगह लेग स्पिन ऑलराउंडर दुशन हेमंथा को टीम में शामिल करने पर विचार कर रहा है. 31 वर्षीय हेमंथा श्रीलंका के लिए सीमित अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं और उनके प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें संभावित विकल्प माना जा रहा है.
दुशन हेमंथा अब तक श्रीलंका के लिए पांच वनडे और तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुके हैं. टी20 क्रिकेट में उनका इकोनॉमी रेट 7.85 रहा है और उन्होंने कुल छह विकेट हासिल किए हैं. हालांकि हसरंगा की तुलना में उनका अनुभव कम माना जा रहा है, लेकिन टीम प्रबंधन उन्हें संभावित विकल्प के रूप में देख रहा है.
वानिंदु हसरंगा का टी20 विश्व कप में प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है. उन्होंने इस प्रारूप के विश्व कप मुकाबलों में अब तक 20 पारियों में कुल 40 विकेट हासिल किए हैं. इस दौरान उनका इकोनॉमी रेट 6.01 रहा है, जो टी20 जैसे तेज प्रारूप में काफी शानदार माना जाता है. यही कारण है कि उन्हें श्रीलंका के गेंदबाजी आक्रमण की रीढ़ कहा जाता है.
हसरंगा पिछले कुछ वर्षों से चोट की समस्या से भी जूझते रहे हैं. कई बार वह चोट के कारण महत्वपूर्ण मुकाबलों से बाहर रहे हैं, जिससे टीम को नुकसान उठाना पड़ा है. इस बार भी टूर्नामेंट के शुरुआती चरण में ही उनका बाहर होना टीम के लिए चिंता का विषय बन गया है.
श्रीलंका ने टी20 विश्व कप 2026 की शुरुआत जीत के साथ की थी. कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में श्रीलंका ने आयरलैंड को 20 रन से हराया था. इस मैच में श्रीलंका की बल्लेबाजी शुरुआत में लड़खड़ा गई थी, लेकिन कामिंदु मेंडिस और कुसल मेंडिस की शानदार पारियों ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था.
कामिंदु मेंडिस ने केवल 19 गेंदों में 44 रन की तेजतर्रार पारी खेली, जबकि कुसल मेंडिस ने नाबाद 56 रन बनाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया. श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट के नुकसान पर 163 रन बनाए थे. इसके बाद गेंदबाजी में हसरंगा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए आयरलैंड की टीम को लक्ष्य हासिल करने से रोक दिया.
हसरंगा के प्रदर्शन ने इस मुकाबले में श्रीलंका की जीत सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई थी. ऐसे में टूर्नामेंट के शुरुआती मैच में शानदार प्रदर्शन के बावजूद उनका बाहर होना टीम के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.
श्रीलंका को अब ग्रुप चरण में कई महत्वपूर्ण मुकाबले खेलने हैं. टीम का अगला मुकाबला 12 फरवरी को पल्लेकेले में ओमान के खिलाफ होना है. इसके बाद श्रीलंका का सामना 16 फरवरी को ऑस्ट्रेलिया से होगा, जो इस ग्रुप का सबसे मजबूत प्रतिद्वंद्वी माना जा रहा है. टीम अपना अंतिम ग्रुप मैच 19 फरवरी को कोलंबो में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलेगी.
विशेषज्ञों का मानना है कि हसरंगा की गैरमौजूदगी में श्रीलंका को अपनी गेंदबाजी रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है. टीम के पास अन्य स्पिन गेंदबाज मौजूद हैं, लेकिन हसरंगा जैसी प्रभावशाली और मैच जिताने वाली क्षमता कम ही खिलाड़ियों में देखने को मिलती है.
टीम प्रबंधन और कप्तान के लिए यह चुनौतीपूर्ण स्थिति है कि वह किस तरह टीम संतुलन बनाए रखते हैं. टी20 क्रिकेट में एक ऑलराउंडर की भूमिका काफी अहम होती है और हसरंगा जैसे खिलाड़ी का बाहर होना टीम संयोजन को प्रभावित कर सकता है.
श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड और टीम प्रबंधन अब संभावित विकल्पों पर विचार कर रहा है और जल्द ही आईसीसी से अनुमति मिलने के बाद नए खिलाड़ी की घोषणा की जा सकती है. टीम के प्रशंसकों को उम्मीद है कि श्रीलंका इस चुनौती से उबरते हुए टूर्नामेंट में मजबूत प्रदर्शन जारी रखेगी.
फिलहाल श्रीलंका की टीम अपने अगले मुकाबलों की तैयारी में जुटी हुई है. खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन की कोशिश होगी कि हसरंगा की कमी को सामूहिक प्रदर्शन के जरिए पूरा किया जाए और टूर्नामेंट में जीत की लय बरकरार रखी जाए. क्रिकेट प्रेमियों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि श्रीलंका बिना अपने स्टार खिलाड़ी के किस तरह आगे का सफर तय करती है.
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