जबलपुर. एमपी के मंडला में निवास स्थित एसडीएम आफिस में उस वक्त हड़कम्प मच गया. जब एसडीएम के रीडर काशीराम मरावी को जबलपुर से पहुंची लोकायुक्त टीम ने पांच हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है. रीडर काशीराम खसरे की त्रुटि सुधारने के नाम पर गेंदालाल सरवटे से उक्त रिश्वत ले रहा था.
इस संबंध में लोकायुक्त एसपी अंजुलता पटले ने बताया कि मंडला जिले की निवास तहसील में रहने वाले गेंदालाल सरवटे की कृषि भूमि के खसरे में पिता का नाम त्रुटिवश मूल चंद के स्थान पर फूलचंद दर्ज हो गया. खसरे में नाम सुधार करवाने के लिए गेंदालाल ने आवेदन दिया. जिसपर एसडीएम का रीडर काशीराम मरावी सहायक ग्रेड-3 द्वारा 10000 रुपए रिश्वत की मांग की गई. पांच हजार रुपए में सौंदा तय हुआ. गेंदालाल ने इस बात की शिकायत जबलपुर पहुंचकर लोकायुक्त एसपी अंजुलता पटले से की.
इसके बाद आज एसडीएम आफिस पहुंचकर रीडर काशीराम मरावी को पांच हजार रुपए की रिश्वत दी, तभी लोकायुक्त टीम के अधिकारियों ने दबिश देकर रीडर काशीराम को रंगे हाथ पकड़ लिया. रीडर के रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने की खबर से आफिस में हड़कम्प मच गया. लोकायुक्त टीम ने आरोपी काशीराम मरावी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन) 2018 की धारा-7,13(1), 13(2) के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है. ट्रेप दल में निरीक्षक शशिकला मस्कुले, निरीक्षक जितेन्द्र यादव,उप निरीक्षक शिशिर पांडेय एवं लोकायुक्त जबलपुर का दल मौजूद था.
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