जबलपुर. एमपी के जबलपुर सहित आसपास जिलों में साइबर ठगों ने ठगी का सबसे नया तरीका स्मार्ट मीटर अपडेट् को बनाया है. नरसिंहपुर में पदस्थ आरक्षक गौतम सिंह को बिजली विभाग का अधिकारी बनकर कॉल किया गया. ठगों ने मीटर अपडेट करने के बहाने उनके फोन पर एक फर्जी लिंक भेजा और फोन पे चेक करने को कहा. जैसे ही आरक्षक ने ऐप खोला तो उनका फोन हैक हो गया. कुछ पल बाद खाते से 1.05 लाख रुपये पार हो गए.
इसी तरह ग्वारीघाट के 72 वर्षीय बुजुर्ग लालचंद दासानी को पीएनबी अधिकारी बनकर सीनियर सिटीजन कार्ड बनवाने का झांसा दिया गया और उनके खाते से 3.60 लाख रुपये उड़ा लिए गए. चरगवां के विशद जैन के खाते से भी 2 लाख रुपये कट गएए जबकि उन्होंने न कोई ओटीपी शेयर किया था और न ही कोई लिंक खोली थी. ठगों ने क्रेडिट कार्ड बंद कराने और एक्टिवेट करने के नाम पर भी कई लोगों को अपना शिकार बनाया. कचनार सिटी निवासी रिटायर्ड कर्मी अशोक कुमार झा और स्कूल वैन चलाने वाले मंगेश नारायण धापोड़कर से क्रेडिट कार्ड बंद करने के नाम पर क्रमश: 61 हजार और 1.70 लाख रुपये की ठगी की गई. लोन दिलाने के नाम पर भी बड़ी वारदात सामने आई है.
तुलसी नगर की बसंती नेताम ने एक फाइनेंस वेबसाइट पर लोन के लिए आवेदन किया था. जिसके बाद ठगों ने प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्कों के नाम पर उनसे 3 लाख रुपये ऐंठ लिए. गोहलपुर निवासी मो फहीम को भी क्रेडिट कार्ड एक्टिवेशन का झांसा देकर 1.99 लाख रुपये की चपत लगाई गई. शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों जैसे गोराबाजार, विजय नगर, ग्वारीघाट, कैंट व गोहलपुर में इन ठगी की शिकायतों के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है. शुरुआत में इन मामलों की शिकायत पीडि़तों द्वारा साइबर क्राइम पोर्टल पर की गई थी. जहां से प्राथमिक जांच के बाद संबंधित थानों को मामले भेजे गए. पुलिस अब उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों को ट्रैक कर रही है. जिनका उपयोग ठगों ने ट्रांजैक्शन के लिए किया था.

