गढ़ा बाजार में अतिक्रमण हटाने पहुंचा नगर निगम का बुलडोजर, भड़के व्यापारी, तीखी झड़प से मचा हंगामा

गढ़ा बाजार में अतिक्रमण हटाने पहुंचा नगर निगम का बुलडोजर, भड़के व्यापारी, तीखी झड़प से मचा हंगामा

प्रेषित समय :20:45:58 PM / Wed, Feb 25th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. शहर के गढ़ा बाजार में बुधवार को नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई उस समय विवाद और झड़प में बदल गई, जब सड़क चौड़ीकरण के उद्देश्य से पहुंची टीम ने जेसीबी मशीनों के साथ अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू की. निगम दस्ते द्वारा सड़क किनारे बने चबूतरों और दुकानों के आगे बढ़े हिस्सों को तोड़े जाने पर स्थानीय व्यापारी विरोध में उतर आए. देखते ही देखते बाजार क्षेत्र में हंगामे की स्थिति बन गई और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई.

जानकारी के अनुसार नगर निगम की टीम सुबह गढ़ा बाजार पहुंची. टीम के साथ अतिक्रमण शाखा के अधिकारी, निगम अमला और पुलिस बल भी मौजूद था. कार्रवाई का उद्देश्य बाजार क्षेत्र में सड़क को चौड़ा करना और यातायात बाधा को दूर करना बताया गया. जैसे ही जेसीबी मशीनों ने दुकानों के सामने बने पक्के चबूतरों और टीनशेड जैसे बढ़े हुए हिस्सों को हटाना शुरू किया, व्यापारी एकजुट होकर विरोध में खड़े हो गए.

व्यापारियों का आरोप है कि उन्हें कार्रवाई से पहले कोई स्पष्ट और लिखित सूचना नहीं दी गई. उनका कहना है कि अचानक भारी मशीनों के साथ पहुंचकर तोड़फोड़ शुरू कर दी गई, जिससे व्यापारियों को सामान हटाने का भी समय नहीं मिला. कुछ व्यापारियों ने दावा किया कि निगम प्रशासन ने पूर्व में माप-तौल की थी, लेकिन कार्रवाई की तारीख को लेकर कोई अंतिम नोटिस नहीं दिया गया. इसी बात को लेकर माहौल गर्मा गया और व्यापारियों ने कार्रवाई रोकने की मांग की.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कई दुकानदार सड़क पर उतर आए और जेसीबी के सामने खड़े होकर विरोध जताने लगे. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौजूद पुलिस बल को बीच-बचाव करना पड़ा. कुछ देर के लिए बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और यातायात भी प्रभावित हुआ. हालांकि पुलिस की समझाइश के बाद स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आई और निगम की टीम ने सीमित दायरे में कार्रवाई जारी रखी.

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि गढ़ा बाजार में लंबे समय से अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं. सड़क किनारे बने अवैध चबूतरे और बढ़े हुए निर्माण के कारण आवागमन बाधित हो रहा था और जाम की स्थिति बनती थी. अधिकारियों के अनुसार संबंधित दुकानदारों को पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे और स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने का अवसर भी दिया गया था. तय समय सीमा बीतने के बाद ही निगम को कार्रवाई करनी पड़ी.

निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल सार्वजनिक भूमि और सड़क क्षेत्र में किए गए अतिक्रमण तक सीमित है. किसी भी वैध दुकान या पंजीकृत हिस्से को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है. अधिकारियों ने कहा कि शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने और नागरिकों की सुविधा के लिए अतिक्रमण हटाना आवश्यक है. आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे.

वहीं व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन करेंगे. उनका कहना है कि प्रशासन को पहले वैकल्पिक व्यवस्था या स्पष्ट योजना साझा करनी चाहिए थी. कई दुकानदारों का यह भी कहना है कि वर्षों से चल रहे निर्माण को अचानक अवैध बताकर हटाना उचित नहीं है.

फिलहाल गढ़ा बाजार क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन तनाव का माहौल बना हुआ है. प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रखा है. नगर निगम का कहना है कि शहर के अन्य इलाकों में भी सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से की जाएगी, ताकि यातायात और नागरिक सुविधाओं में सुधार लाया जा सके.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-