श्योपुर. एमपी के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क में 28 फरवरी शनिवार को एक और ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला. बोत्सवाना से अफ्रीकी महाद्वीप के 9 नए चीते विशेष विमान से भारत पहुंचे हैं. यह चीतों का तीसरा बड़ा जत्था है, जो प्रोजेक्ट चीता के तहत भारत लाया गया है. भारतीय वायुसेना के विमान से रात में ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन पर लैंडिंग के बाद सुबह भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों से इन्हें कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया गया.
केंद्रीय वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने इन चीतों को क्वारंटाइन बाड़ों में रिलीज किया. इनके आने से भारत में चीतों की कुल संख्या 48 हो गई है. कूनो में पहले से मौजूद चीतों की सफल प्रजनन दर और शावकों का जन्म इस प्रोजेक्ट की मजबूती दिखाता है. यह कदम न सिर्फ चीता संरक्षण की दिशा में बड़ा है, बल्कि भारत में विलुप्त हो चुके इस राजसी जानवर को वापस लाने की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है. पार्क में विशेष तैयारियां की गई, जहां चीतों को एक महीने तक क्वारंटाइन में रखकर स्वास्थ्य जांच और अनुकूलन प्रक्रिया पूरी की जाएगी. इसके बाद इन्हें मुख्य बाड़े में छोड़ दिया जाएगा.
बोत्सवाना से लाये चीते कूनो में किए रिलीज
बता दें कि, बोत्सवाना से कूनो लाए गए सभी 9 चीतों में से 6 मादा हैं, जबकि 3 नर चीते. इस तरह अब कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या 45 हो चुकी है. खास बात ये है कि, इनमें से 28 चीते भारत में पैदा हुए हैं. इसके अलावा 3 चीते कूनो से ही गांधीसागर वन्य क्षेत्र में छोड़े गए हैं. इस तरह देशभर में इनकी संख्या बढ़कर कुल 48 हो गई है. फिलहाल, बोत्सवाना से लाए गए सभी 9 चीतों को एक महीने के लिए पहले क्वारंटीन किया जाएगा. इके बाद ही इन्हें मुख्य क्षेत्र में छोड़ा जाएगा.
ग्वालियर एयरबेस से हेलीकॉप्टर से लाए गए
विशेष भारतीय वायुसेना विमान से बोत्सवाना से उड़ान भरकर चीते शुक्रवार रात 9-10 बजे ग्वालियर पहुंचे. यहां एक्सपर्ट टीम ने उनकी स्वास्थ्य जांच की. सुबह 8:30 बजे से दो हेलीकॉप्टरों में चीतों को लोड कर कूनो के लिए रवाना किया गया जबकि एक हेलीकॉप्टर एक्सपर्ट टीम के साथ गया. पार्क में सुरक्षित लैंडिंग के लिए 5 हेलीपैड बनाए गए. सुबह 9:30 बजे तक चीतों को कूनो पहुंचाकर क्वारंटाइन बाड़ों में छोड़ दिया गया.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-


