पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के सुपर 8 चरण में सेमीफाइनल की जंग रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुकी है, लेकिन पाकिस्तान की राह बेहद कठिन नजर आ रही है. इस बीच भारत के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज Virender Sehwag ने पाकिस्तान की संभावनाओं को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए साफ कह दिया है कि उनकी टीम आखिरी चार में जगह नहीं बना पाएगी. सहवाग ने बिना लाग-लपेट के कहा कि मौजूदा हालात में पाकिस्तान के लिए तय समीकरण हासिल करना लगभग नामुमकिन है.
सुपर 8 के ग्रुप 2 में स्थिति ऐसी बनी है कि पाकिस्तान अभी भी गणितीय रूप से सेमीफाइनल की दौड़ में बना हुआ है, लेकिन उसका नेट रन रेट न्यूजीलैंड से काफी नीचे है. इंग्लैंड ने कोलंबो में न्यूजीलैंड को हराकर पाकिस्तान की उम्मीदों को जिंदा जरूर रखा, पर अब आगे का रास्ता पूरी तरह पाकिस्तान के प्रदर्शन पर निर्भर है. पाकिस्तान को श्रीलंका के खिलाफ न सिर्फ जीत चाहिए, बल्कि बड़ी जीत चाहिए.
पाकिस्तान की टीम, जिसकी अगुवाई Salman Ali Agha कर रहे हैं, को समीकरण के मुताबिक अगर पहले बल्लेबाजी का मौका मिलता है और वह 160 रन बनाती है, तो उसे कम से कम 65 रन से मुकाबला जीतना होगा. वहीं यदि 160 रनों का लक्ष्य पीछा करना पड़े तो उसे 13.2 ओवर के भीतर लक्ष्य हासिल करना होगा, ताकि नेट रन रेट में न्यूजीलैंड को पीछे छोड़ा जा सके. कागज पर यह संभव दिख सकता है, लेकिन सहवाग को यह हकीकत से कोसों दूर लगता है.
क्रिकबज पर एक पैनल चर्चा के दौरान जब एंकर ने पाकिस्तान के सामने मौजूद समीकरण पढ़कर सुनाया, तो सहवाग ने तुरंत प्रतिक्रिया दी, “नहीं होने वाला, आगे पढ़.” जब लक्ष्य का पीछा करने की स्थिति बताई गई तो उन्होंने फिर दोहराया, “वो भी नहीं होने वाला.” सहवाग का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है और क्रिकेट जगत में बहस छिड़ गई है.
सहवाग का तर्क साफ है कि पाकिस्तान की बल्लेबाजी मौजूदा टूर्नामेंट में उस स्तर की नहीं दिखी है, जो इतने कम ओवरों में 160 रन का लक्ष्य हासिल कर सके. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहले तो 160 का स्कोर बनाने में ही जूझ रहा है, ऐसे में 14 ओवर से कम में लक्ष्य हासिल करना बेहद कठिन होगा. उनके मुताबिक अगर पाकिस्तान सेमीफाइनल में पहुंचता भी है, तो वह श्रीलंका की बेहद खराब क्रिकेट की वजह से ही संभव होगा.
उन्होंने यह भी कहा कि श्रीलंका को 90 रन पर समेट देना या 60-65 रन से हराना इतना आसान नहीं है, खासकर जब विरोधी टीम अपने घरेलू हालात में खेल रही हो या कम से कम उपमहाद्वीपीय परिस्थितियों से परिचित हो. सहवाग ने व्यंग्य करते हुए यह भी कहा कि इंग्लैंड-न्यूजीलैंड मैच के लिए की गई दुआ शायद कबूल हो गई हो, लेकिन हर बार प्रार्थनाएं काम नहीं करतीं.
दूसरी ओर, पाकिस्तान के समर्थक अब भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि टीम दबाव में बेहतर प्रदर्शन करेगी. पाकिस्तान क्रिकेट का इतिहास ऐसे कई मौकों से भरा पड़ा है जब टीम ने असंभव दिखने वाले समीकरण को संभव कर दिखाया है. 1992 वनडे विश्व कप से लेकर 2017 चैंपियंस ट्रॉफी तक, पाकिस्तान ने कई बार आलोचकों को गलत साबित किया है. हालांकि टी20 विश्व कप 2026 में अब तक उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी साफ नजर आई है.
टीम की सबसे बड़ी चिंता टॉप ऑर्डर का फॉर्म है. पावरप्ले में तेज शुरुआत न मिलने से मध्यक्रम पर दबाव बढ़ जाता है. यदि शुरुआती ओवरों में विकेट गिरते हैं, तो रन गति बनाए रखना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में 160 जैसे स्कोर तक पहुंचना भी चुनौती बन जाता है, और अगर वही स्कोर 13-14 ओवर में बनाना हो तो जोखिम और बढ़ जाता है.
ग्रुप 2 से England cricket team पहले ही सेमीफाइनल में जगह बना चुकी है. अब दूसरी जगह के लिए पाकिस्तान और New Zealand national cricket team के बीच होड़ है. न्यूजीलैंड का नेट रन रेट बेहतर है, इसलिए पाकिस्तान को सिर्फ जीत से काम नहीं चलेगा. उसे जीत का अंतर भी बड़ा रखना होगा.
श्रीलंका के खिलाफ मुकाबला ‘करो या मरो’ जैसा है. अगर पाकिस्तान पहले बल्लेबाजी करता है तो उसे शुरुआत से आक्रामक रुख अपनाना होगा. जोखिम लेकर बड़े शॉट खेलने होंगे और रन गति को 10-12 प्रति ओवर तक बनाए रखना होगा. वहीं गेंदबाजी में भी शुरुआती झटके जरूरी होंगे, ताकि लक्ष्य का बचाव संभव हो सके. दूसरी ओर, अगर लक्ष्य का पीछा करना पड़े तो पावरप्ले में विस्फोटक बल्लेबाजी अनिवार्य होगी.
सहवाग की टिप्पणी भले ही पाकिस्तान के प्रशंसकों को कड़वी लगे, लेकिन मौजूदा आंकड़ों के आधार पर उनकी बात पूरी तरह खारिज भी नहीं की जा सकती. टी20 क्रिकेट में चमत्कार संभव हैं, पर हर मैच में नहीं. दबाव की स्थिति में मानसिक मजबूती, रणनीतिक स्पष्टता और आक्रामक मानसिकता तीनों का संतुलन जरूरी होता है.
अब सबकी नजरें पाकिस्तान बनाम श्रीलंका मुकाबले पर टिकी हैं. क्या पाकिस्तान सहवाग की भविष्यवाणी को गलत साबित करेगा, या फिर नेट रन रेट का गणित उसकी राह रोक देगा? सेमीफाइनल की तस्वीर साफ होने में अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है, लेकिन फिलहाल क्रिकेट जगत में सहवाग का एक वाक्य गूंज रहा है – “नहीं होने वाला.”
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

