पटना. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्य सभा जाने के ऐलान के बाद, जेडीयू कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है. पटना में जेडीयू ऑफिस में आज दोपहर जमकर तोडफ़ोड़ की गई. पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ऑफिस के अंदर हंगामा किया, फर्नीचर और पोस्टर को नुकसान पहुंचाया. उनका साफ आरोप है कि पार्टी के कुछ सीनियर नेताओं ने चाल चली है और वे नीतीश कुमार को बिहार की राजनीति से हटाने की साजिश कर रहे हैं.
रोते-बिलखते कार्यकर्ता, सुरक्षा बल तैनात
सुबह से ही हजारों कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास (1 अणे मार्ग) के बाहर जमा हैं. वहां का माहौल बेहद इमोशनल और तनावपूर्ण है. कई कार्यकर्ता सड़क पर बैठकर रो रहे हैं, जबकि कुछ ने तो आत्मदाह करने तक की धमकी भी दी है. कार्यकर्ता हम जान दे देंगे लेकिन नीतीश कुमार को नहीं जाने देंगे जैसे नारे लगा रहे हैं. हालात की गंभीरता को देखते हुए जेडीयू ऑफिस और सीएम हाउस के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.
नेताओं को खदेड़ा, ललन सिंह के खिलाफ नारे लगाए गए
कार्यकर्ताओं का गुस्सा सिर्फ नीतीश कुमार के फैसले तक ही सीमित नहीं था, उन्होंने मौके पर पहुंचे नेताओं को भी निशाना बनाया. मुख्यमंत्री आवास की ओर जा रहे बीजेपी मंत्री सुरेंद्र मेहता, जेडीयू एमएलसी संजय गांधी और प्रेम मुखिया को गुस्साए कार्यकर्ताओं ने नारे लगाते हुए भगा दिया. पार्टी के सीनियर नेता ललन सिंह के खिलाफ भी नारे लगाए गए, जिन्हें कार्यकर्ता इस नेतृत्व परिवर्तन के पीछे का मास्टरमाइंड मान रहे थे.
नीतीश बिहार के हैं, हम उन्हें जाने नहीं देंगे
अफरा-तफरी के बीच एक कार्यकर्ता चिल्लाया, नीतीश कुमार बिहार की शान हैं. उन्हें दिल्ली भेजने का मतलब है बिहार की इज्जत गिरवी रखना. हम उन्हें नॉमिनेशन फाइल करने के लिए विधानसभा नहीं जाने देंगे.

