कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने रविवार को राष्ट्रपति Draupadi Murmu के सिलिगुड़ी दौरे के दौरान कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य सरकार की ओर से कोई भी प्रोटोकॉल तोड़ा नहीं गया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में यदि कोई अव्यवस्था हुई है तो उसकी जिम्मेदारी निजी आयोजकों और Airports Authority of India की है, क्योंकि कार्यक्रम स्थल और व्यवस्थाएं उन्हीं के जिम्मे थीं।
मुख्यमंत्री ने यह बयान उस समय दिया जब प्रधानमंत्री Narendra Modi ने राष्ट्रपति के दौरे के दौरान हुई व्यवस्थाओं को लेकर तृणमूल कांग्रेस सरकार की आलोचना की थी। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल सरकार ने देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति का अपमान किया है। इसके जवाब में ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार राष्ट्रपति पद और भारतीय संविधान का पूरा सम्मान करती है और इस तरह का आरोप राजनीतिक रूप से प्रेरित है।
मुख्यमंत्री ने कोलकाता के केंद्रीय क्षेत्र में चल रहे अपने धरना मंच से मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार को राष्ट्रपति के कार्यक्रम की पूरी जानकारी नहीं दी गई थी। उनके अनुसार, कार्यक्रम का आयोजन निजी संस्थाओं द्वारा किया गया था और राज्य प्रशासन को न तो स्थल चयन की जानकारी दी गई थी और न ही कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा साझा की गई थी। उन्होंने कहा कि ऐसे में यदि कार्यक्रम स्थल पर किसी प्रकार की व्यवस्था में कमी रह गई, तो उसके लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।
ममता बनर्जी ने कहा कि कार्यक्रम जिस जमीन पर आयोजित किया गया था वह Airports Authority of India के नियंत्रण में है और स्थल की व्यवस्था तथा अन्य व्यवस्थाएं निजी आयोजकों द्वारा की गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम स्थल पर कचरे की समस्या, ग्रीन रूम में तकनीकी खराबी और महिलाओं के लिए शौचालय की कमी जैसी समस्याएं आयोजकों की लापरवाही का परिणाम थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने स्थल का चयन नहीं किया था और न ही आयोजन की व्यवस्थाओं में उसकी कोई प्रत्यक्ष भूमिका थी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को बागडोगरा हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद इस बात पर नाराजगी जताई थी कि उन्हें रिसीव करने के लिए न तो मुख्यमंत्री मौजूद थीं और न ही राज्य मंत्रिमंडल का कोई वरिष्ठ सदस्य वहां दिखाई दिया। राष्ट्रपति सिलिगुड़ी में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय जनजातीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए वहां पहुंची थीं। उनके कार्यक्रम स्थल में बदलाव को लेकर भी उन्होंने असंतोष व्यक्त किया था।
इन आरोपों के जवाब में ममता बनर्जी ने कहा कि प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया गया था और सिलिगुड़ी के मेयर गौतम देव राष्ट्रपति का स्वागत करने के लिए बागडोगरा हवाई अड्डे पर मौजूद थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपनी ओर से आवश्यक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया था। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह उस समय कोलकाता में लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए धरने पर बैठी थीं और इसलिए उनके लिए कार्यक्रम में उपस्थित होना संभव नहीं था।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए एक तस्वीर भी दिखाई, जिसमें कथित रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक कार्यक्रम में बैठे हुए दिखाई दे रहे थे जबकि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू खड़ी थीं। ममता बनर्जी ने दावा किया कि यह तस्वीर इस बात का उदाहरण है कि राष्ट्रपति के प्रति सम्मान की संस्कृति किसके पास है और किसके पास नहीं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी और सरकार राष्ट्रपति पद का हमेशा सम्मान करती रही है और ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया जिससे राष्ट्रपति का अपमान हो।
ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में यह भी आरोप लगाया कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल को राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव के माहौल में राज्य सरकार के खिलाफ लगातार बयानबाजी की जा रही है और ऐसे मुद्दों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका इशारा किसकी ओर था, लेकिन उनके बयान को राजनीतिक संदर्भ में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले समय में केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकता है। एक ओर केंद्र सरकार और भाजपा इस मुद्दे को राष्ट्रपति के सम्मान से जोड़कर देख रही है, वहीं दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि यह एक प्रशासनिक मुद्दा था जिसे राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है। राष्ट्रपति के कार्यक्रम में प्रोटोकॉल के पालन को लेकर उठे सवालों ने राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बयानबाजी होने की संभावना है, क्योंकि इसे आगामी चुनावी राजनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

