नई दिल्ली. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कभी लगातार नाकामियों के कारण आलोचना झेलने वाली भारतीय टीम ने अब अपनी शानदार उपलब्धियों से पूरी दुनिया को जवाब दे दिया है. एक समय ऐसा था जब पश्चिमी मीडिया के कुछ वर्ग भारत को विश्व क्रिकेट का “फ्रॉड” तक कहने लगे थे, लेकिन पिछले दो वर्षों में तीन बड़ी आईसीसी ट्रॉफियां जीतकर टीम इंडिया ने इन सभी आलोचनाओं को गलत साबित कर दिया है.
दरअसल 2013 में ICC Champions Trophy 2013 जीतने के बाद भारत को लंबे समय तक किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट में सफलता नहीं मिली थी. उस जीत के बाद करीब एक दशक तक टीम कई बड़े टूर्नामेंटों के करीब पहुंचकर भी खिताब हासिल नहीं कर सकी. इस दौरान टीम ने कई फाइनल और सेमीफाइनल खेले, लेकिन निर्णायक मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा.
2014 में भारत ICC Men's T20 World Cup 2014 के फाइनल तक पहुंचा, लेकिन Sri Lanka national cricket team से हार गया. इसके बाद 2016 में घरेलू मैदान पर खेले गए ICC Men's T20 World Cup 2016 के सेमीफाइनल में West Indies cricket team के हाथों हार का सामना करना पड़ा.
इसी तरह 2019 में ICC Cricket World Cup 2019 के सेमीफाइनल में New Zealand national cricket team ने भारत को चौंकाते हुए टूर्नामेंट से बाहर कर दिया. इससे पहले 2017 में ICC Champions Trophy 2017 के फाइनल में Pakistan national cricket team से हार ने भी भारतीय प्रशंसकों को निराश किया था.
सबसे बड़ा झटका 2023 में लगा, जब भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ICC Cricket World Cup 2023 के फाइनल में जगह बनाई, लेकिन अहमदाबाद में खेले गए खिताबी मुकाबले में Australia national cricket team से हार गया. इस हार के बाद भारतीय टीम को “चोकर” तक कहा जाने लगा.
उस दौर में टीम के कप्तान रहे Virat Kohli पर भी लगातार सवाल उठे. कई बार उनसे पूछा गया कि इतनी मजबूत टीम होने के बावजूद भारत आईसीसी ट्रॉफी क्यों नहीं जीत पा रहा है. उनकी तुलना अक्सर पूर्व कप्तान MS Dhoni से की जाती थी, जो अब तक तीनों प्रमुख व्हाइट-बॉल आईसीसी ट्रॉफियां जीतने वाले इकलौते भारतीय कप्तान हैं.
हालांकि इसके बाद भारतीय क्रिकेट ने शानदार वापसी की. जून 2024 में भारत ने ICC Men's T20 World Cup 2024 जीतकर लंबे समय से चले आ रहे ट्रॉफी के सूखे को खत्म किया. इसके बाद टीम ने अगले ही वर्ष ICC Champions Trophy 2025 अपने नाम की और फिर 2026 में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए ICC Men's T20 World Cup 2026 का खिताब भी जीत लिया.
लगातार तीन आईसीसी ट्रॉफियां जीतने के बाद भारतीय टीम की छवि पूरी तरह बदल गई है. जिस टीम को कभी आलोचना का सामना करना पड़ता था, वही अब सीमित ओवरों के क्रिकेट में दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में गिनी जा रही है.
इस दौरान इंग्लैंड के पूर्व कप्तान Michael Vaughan जैसे कई विदेशी क्रिकेट विशेषज्ञ भारतीय टीम की आलोचना करते रहे थे और हार के बाद तंज कसते थे. लेकिन हालिया सफलताओं ने उन सभी आलोचनाओं का जवाब दे दिया है.
हालांकि भारत की उपलब्धियों की सूची अभी पूरी तरह पूरी नहीं मानी जा रही. टीम अब तक ICC World Test Championship का खिताब नहीं जीत पाई है और पिछले कुछ वर्षों में दो बार फाइनल हार चुकी है. इसके अलावा भारत ने आखिरी बार 50 ओवर का विश्व कप 2011 में जीता था.
आने वाले वर्षों में भारतीय टीम के सामने कई बड़े लक्ष्य हैं. इनमें विश्व टेस्ट चैंपियनशिप जीतना, अगला वनडे विश्व कप अपने नाम करना और 2028 में होने वाले Los Angeles 2028 Summer Olympics में क्रिकेट की वापसी के साथ स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीदें भी शामिल हैं.
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारतीय टीम इन लक्ष्यों को भी हासिल कर लेती है तो यह कहना गलत नहीं होगा कि कभी “फ्रॉड” कहे जाने वाली टीम ने विश्व क्रिकेट में अपनी श्रेष्ठता पूरी तरह स्थापित कर ली है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

