ग्वालियर में अवैध कॉलोनियों पर चला निगम का बड़ा बुलडोजर, आधा दर्जन कॉलोनियों में तोड़फोड़ कर हटाए अवैध निर्माण

ग्वालियर में अवैध कॉलोनियों पर चला निगम का बड़ा बुलडोजर, आधा दर्जन कॉलोनियों में तोड़फोड़ कर हटाए अवैध निर्माण

प्रेषित समय :22:29:04 PM / Thu, Mar 12th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

ग्वालियर. अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ा बुलडोजर अभियान चलाया। नगर निगम की टीम ने ग्राम सालूपुरा क्षेत्र में करीब आधा दर्जन अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई करते हुए वहां बनाए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान बिना अनुमति बनाई गई सड़कों, बाउंड्रीवॉल, सीवर लाइन और बिजली के पोल जैसी संरचनाओं को हटाया गया। निगम अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध कॉलोनियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है और भविष्य में भी ऐसे अवैध विकास कार्यों के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी।

नगर निगम के मुताबिक शहर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार अवैध कॉलोनियों के विकसित होने की शिकायतें मिल रही थीं। इसी को देखते हुए प्रशासन ने सर्वे कर पहले चरण में 66 अवैध कॉलोनियों को चिन्हित किया है, जिन पर चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 66 में स्थित ग्राम सालूपुरा इलाके में यह कार्रवाई की गई। नगर निगम के अमले ने सुबह से ही क्षेत्र में पहुंचकर अवैध रूप से विकसित की गई कॉलोनियों में चल रहे विकास कार्यों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की।

बताया गया कि ग्राम सालूपुरा में सर्वे नंबर 56/3, 56/3/2, 57, 59, 61, 62, 67, 68, 70, 71, 72, 76, 56/3/1/1/2, 145, 146, 141, 142, 148, 149/2/1, 147/1, 147/2, 149/2/2, 58/1, 58/2, 125, 525 और 531 सहित करीब 15.30 हेक्टेयर भूमि पर छह अवैध कॉलोनियां विकसित की जा रही थीं। इन कॉलोनियों में कॉलोनाइजरों द्वारा बिना नगर एवं ग्राम निवेश विभाग और नगर निगम से अनुमति लिए विकास कार्य कराए जा रहे थे। नियमों के विरुद्ध किए जा रहे इन निर्माण कार्यों को निगम के अमले ने बुलडोजर की मदद से हटाया।

कार्रवाई के दौरान निगम टीम ने कॉलोनियों में बनाई गई कच्ची और पक्की सड़कों को तोड़ा, अवैध रूप से डाली गई सीवर लाइन को हटाया और बनाई गई बाउंड्रीवॉल को भी ध्वस्त कर दिया। इसके अलावा कॉलोनियों में लगाए गए बिजली के पोल भी हटाए गए। अधिकारियों का कहना है कि इन कॉलोनियों का विकास पूरी तरह अवैध तरीके से किया जा रहा था और प्लॉट काटकर लोगों को बेचने की तैयारी थी। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो बड़ी संख्या में लोग इन प्लॉटों को खरीदकर आर्थिक नुकसान का शिकार हो सकते थे।

नगर निगम के अनुसार इन अवैध कॉलोनियों में विकास कार्य कराने वालों के नाम भी सामने आए हैं। इनमें पुष्पा साहू पत्नी महेंद्र सिंह, साधूराम पुत्र गुलाब सिंह, रंजीत गुर्जर, केशव पुत्र महेंद्र, जितेंद्र, कैलाश पुत्र हरनारायण, एम.जी.एस. डेवलपर्स के पार्टनर महेश, दयाशंकर साहू, देवेंद्र प्रजापति, प्रियंका सिंह, राधेश्याम डेवलपर्स, सौरभ जैन पुत्र गिरीश जैन और दयाशंकर पुत्र नीरज शर्मा जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं। नगर निगम का कहना है कि बिना अनुमोदन के किसी भी तरह का कॉलोनी विकास अवैध माना जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई के दौरान नगर निगम के कई अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। सिटी प्लानर महेंद्र अग्रवाल, भवन अधिकारी पवन शर्मा, भवन निरीक्षक रवि गोडिया और मदाखलत अधिकारी शैलेन्द्र सिंह चौहान सहित पूरी टीम ने मौके पर रहकर कार्रवाई की निगरानी की। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनी रहे और किसी तरह की बाधा न आए।

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। पहले चरण में चिन्हित की गई 66 कॉलोनियों पर क्रमवार कार्रवाई की जाएगी। निगम का कहना है कि शहर में अवैध कॉलोनियों के बढ़ते चलन को रोकने के लिए यह जरूरी कदम है, ताकि नियमानुसार शहर का विकास हो सके और नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं व्यवस्थित तरीके से मिल सकें।

अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी प्लॉट या जमीन को खरीदने से पहले उसकी वैधता की जांच जरूर करें। प्लॉट खरीदते समय नगर निगम और नगर एवं ग्राम निवेश विभाग से अनुमोदित लेआउट की जानकारी लेना जरूरी है। यदि लोग बिना जांच किए प्लॉट खरीदते हैं तो भविष्य में उन्हें कानूनी समस्याओं और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

नगर निगम का कहना है कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना ही नहीं बल्कि लोगों को जागरूक करना भी है। प्रशासन चाहता है कि शहर का विकास योजनाबद्ध तरीके से हो और अवैध निर्माण के कारण भविष्य में किसी भी तरह की समस्या न उत्पन्न हो। निगम अधिकारियों ने यह भी कहा कि आने वाले समय में शहर और आसपास के क्षेत्रों में ऐसे अवैध विकास कार्यों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-