काव्या मारन की टीम ने पाकिस्तानी स्पिनर को खरीदा तो मचा बवाल, कोच ने बताई असली वजह

काव्या मारन की टीम ने पाकिस्तानी स्पिनर को खरीदा तो मचा बवाल, कोच ने बताई असली वजह

प्रेषित समय :20:50:13 PM / Fri, Mar 13th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

इंग्लैंड की लोकप्रिय टी20 लीग The Hundred के 2026 ऑक्शन में उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया जब सनराइजर्स ग्रुप की फ्रेंचाइजी Sunrisers Leeds ने पाकिस्तानी स्पिन गेंदबाज Abrar Ahmed को खरीद लिया. इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई और कई भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों ने टीम मैनेजमेंट की आलोचना शुरू कर दी. नीलामी के दौरान टीम की सह-मालकिन Kavya Maran भी मौजूद थीं, जिसके कारण यह मुद्दा और ज्यादा चर्चा में आ गया.

ऑक्शन के दौरान अबरार अहमद के लिए कई टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा देखने को मिली. खास तौर पर Trent Rockets और सनराइजर्स लीड्स के बीच बोली लग रही थी. आखिरकार सनराइजर्स लीड्स ने 190,000 पाउंड यानी करीब 2.34 करोड़ रुपये की बोली लगाकर इस पाकिस्तानी स्पिनर को अपनी टीम में शामिल कर लिया. इस फैसले के बाद क्रिकेट फैंस के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इसे लेकर तीखी बहस शुरू हो गई.

ऑक्शन के बाद टीम के मुख्य कोच Daniel Vettori ने इस फैसले के पीछे की रणनीति को सार्वजनिक किया. उन्होंने कहा कि टीम की पहली पसंद इंग्लैंड के अनुभवी स्पिनर Adil Rashid थे. लेकिन नीलामी के दौरान उन्हें Southern Brave ने खरीद लिया. इसके बाद सनराइजर्स लीड्स को अपनी रणनीति तुरंत बदलनी पड़ी और टीम मैनेजमेंट ने उपलब्ध विकल्पों में से सर्वश्रेष्ठ स्पिनर को चुनने का फैसला किया.

विटोरी के अनुसार टीम मैनेजमेंट की नजर कुछ खास खिलाड़ियों पर थी जिनमें बांग्लादेश के स्पिनर Rishad Hossain, पाकिस्तानी गेंदबाज Usman Tariq और अबरार अहमद शामिल थे. टीम ने खिलाड़ियों के हालिया प्रदर्शन और पिच की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया. आखिरकार विश्लेषण के बाद मैनेजमेंट को लगा कि अबरार अहमद टीम के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प हो सकते हैं.

कोच विटोरी ने बताया कि अबरार अहमद ऐसे गेंदबाज हैं जिन्हें कई इंग्लिश बल्लेबाज ज्यादा नहीं खेल पाए हैं. उनकी गेंदबाजी शैली और विविधता बल्लेबाजों के लिए चुनौती बन सकती है. उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में अबरार अहमद ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया था, जिसने टीम मैनेजमेंट का ध्यान खींचा. इसी प्रदर्शन के आधार पर उन्हें ऑक्शन में गंभीरता से विचार किया गया.

एक और अहम कारण इंग्लैंड का प्रसिद्ध मैदान Headingley Cricket Ground भी बताया गया. विटोरी ने कहा कि इस मैदान पर ऐतिहासिक रूप से स्पिन गेंदबाजों को काफी मदद मिलती रही है. कई मैचों में स्पिनरों ने यहां निर्णायक भूमिका निभाई है. इसलिए टीम को लगा कि स्क्वाड में एक मजबूत स्पिन गेंदबाज होना बेहद जरूरी है. इसी रणनीतिक सोच के चलते अबरार अहमद को खरीदने का फैसला लिया गया.

विटोरी ने यह भी साफ किया कि टीम मैनेजमेंट के भीतर कभी यह चर्चा नहीं हुई कि किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी को टीम में शामिल नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि फ्रेंचाइजी का फोकस केवल क्रिकेटिंग स्किल और टीम की जरूरतों पर होता है. खिलाड़ियों का चयन पूरी तरह प्रदर्शन और रणनीति के आधार पर किया जाता है. उन्होंने कहा कि टीम का लक्ष्य मजबूत संतुलन बनाना और प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करना है.

हालांकि इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर कई भारतीय प्रशंसकों ने नाराजगी जताई. कुछ लोगों का मानना था कि भारतीय फ्रेंचाइजी से जुड़े समूह को पाकिस्तानी खिलाड़ी को नहीं खरीदना चाहिए था. वहीं कई क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों ने इस फैसले का समर्थन भी किया और कहा कि फ्रेंचाइजी क्रिकेट में खिलाड़ियों का चयन पूरी तरह पेशेवर आधार पर होता है, जहां राष्ट्रीयता से ज्यादा प्रदर्शन और टीम की जरूरतें अहम होती हैं.

क्रिकेट विश्लेषकों के अनुसार फ्रेंचाइजी लीग में इस तरह के फैसले अक्सर रणनीतिक होते हैं. टीम मैनेजमेंट पिच की स्थिति, विपक्षी टीमों की ताकत और उपलब्ध खिलाड़ियों के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए स्क्वाड बनाता है. इस कारण कई बार ऐसे फैसले भी लिए जाते हैं जो शुरुआती तौर पर विवाद पैदा कर देते हैं, लेकिन उनका उद्देश्य केवल टीम को मजबूत बनाना होता है.

फिलहाल सनराइजर्स लीड्स द्वारा अबरार अहमद को खरीदे जाने का मामला क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है. आने वाले मैचों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह पाकिस्तानी स्पिनर टीम के लिए कितना प्रभावी साबित होता है और क्या वह अपनी गेंदबाजी से आलोचकों को जवाब दे पाते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अबरार अहमद मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो यह फैसला टीम के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-