बिहार के माता गुजरी विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में मेडिकल, नर्सिंग और फार्मेसी संकाय के 1198 छात्रों को मिली डिग्री, खुशी से झूम उठे विद्यार्थी

बिहार के माता गुजरी विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में मेडिकल, नर्सिंग और फार्मेसी संकाय के 1198 छात्रों को मिली डिग्री, खुशी से झूम उठे विद्यार्थी

प्रेषित समय :22:26:30 PM / Sat, Mar 14th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

पटना. बिहार के  किशनगंज में स्थित  माता गुजरी विश्वविद्यालय  के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय उस समय जुड़ गया जब विश्वविद्यालय का पहला दीक्षांत समारोह भव्य रूप से आयोजित किया गया. इस समारोह में मेडिकल, नर्सिंग और फार्मेसी संकाय के कुल 1198 स्नातक विद्यार्थियों को उनकी डिग्रियां प्रदान की गईं. वर्षों की मेहनत और समर्पण का फल हाथ में आते ही छात्र-छात्राओं की खुशी देखने लायक थी. डिग्री और पदक प्राप्त करने के बाद विद्यार्थियों ने अपने साथियों के साथ उल्लासपूर्वक जश्न मनाया और परिसर में उत्साह का वातावरण बन गया.

समारोह का आयोजन किशनगंज शहर के पूर्वी भाग में स्थित विश्वविद्यालय परिसर में किया गया, जहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, उनके अभिभावकों और विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति रही. कार्यक्रम में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी , शिक्षा मंत्री सुनील कुमार r तथा उद्योग सह पथ निर्माण मंत्री  दिलीप कुमार जायसवाल   विशेष रूप से उपस्थित रहे. इन अतिथियों ने मंच से विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान कीं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की.

दीक्षांत समारोह की शुरुआत पारंपरिक औपचारिकताओं के साथ हुई. मंच पर विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे. समारोह के दौरान विद्यार्थियों को डिग्री प्रमाणपत्र के साथ-साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पदक भी प्रदान किए गए. जब विद्यार्थियों को डिग्री और पदक मिले तो पूरे परिसर में तालियों की गूंज सुनाई देने लगी और छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ अपनी खुशी व्यक्त की.

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा ही वह आधार है जो किसी भी समाज और राज्य को प्रगति की दिशा में आगे बढ़ाती है. उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी शिक्षा और ज्ञान का उपयोग समाज की सेवा के लिए करें. उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है और सरकार शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है.

शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने भी समारोह को संबोधित करते हुए विद्यार्थियों को बधाई दी और कहा कि आज का दिन उनके जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण क्षण है. उन्होंने कहा कि डिग्री प्राप्त करने के बाद विद्यार्थियों के सामने अनेक अवसर खुलते हैं, लेकिन इसके साथ ही समाज के प्रति जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है. उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज के विकास में करें.

उद्योग सह पथ निर्माण मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि सीमांचल क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विकास के लिए यह विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. उन्होंने कहा कि पहले इस क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए दूर-दराज के शहरों में जाना पड़ता था, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर ही बेहतर शिक्षा उपलब्ध हो रही है. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य शिक्षा के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाना है.

समारोह के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी संस्थान की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2019 में की गई थी और अल्प समय में ही इसने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पहचान बना ली है. वर्तमान में यहां मेडिकल, नर्सिंग और फार्मेसी जैसे महत्वपूर्ण पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कराई जा रही है.

दीक्षांत समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने यह भी कहा कि सीमांचल जैसे क्षेत्रों में शिक्षा का प्रसार अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही सामाजिक और आर्थिक विकास संभव है. इस विश्वविद्यालय के माध्यम से क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है, जिससे उनका भविष्य उज्ज्वल बन रहा है.

समारोह में विद्यार्थियों के अभिभावकों की भी बड़ी संख्या में उपस्थिति रही. अपने बच्चों को डिग्री प्राप्त करते देखकर अभिभावकों की आंखों में गर्व और खुशी साफ दिखाई दे रही थी. कई अभिभावकों ने कहा कि यह उनके परिवार के लिए गर्व का क्षण है और उन्होंने अपने बच्चों की सफलता पर खुशी व्यक्त की.

डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह दिन जीवन का एक ऐतिहासिक पल बन गया. वर्षों की कठिन मेहनत, अनुशासन और संघर्ष के बाद उन्हें यह सफलता मिली थी. समारोह के बाद कई विद्यार्थियों ने कहा कि वे अपने करियर की नई शुरुआत करने के लिए उत्साहित हैं और समाज की सेवा करना चाहते हैं.

दीक्षांत समारोह के दौरान परिसर का वातावरण बेहद उत्साहपूर्ण रहा. मंच से डिग्री प्राप्त करने के बाद कई विद्यार्थियों ने अपने साथियों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और खुशी के क्षणों को यादगार बनाया. कुछ विद्यार्थियों ने अपनी टोपी हवा में उछालकर भी जश्न मनाया, जिससे पूरा माहौल उत्सव जैसा हो गया.

कार्यक्रम में जिले के कई प्रशासनिक और सामाजिक प्रतिनिधि भी मौजूद रहे. इनमें जिलाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा अन्य गणमान्य लोग शामिल थे. सभी ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.

इस अवसर पर वक्ताओं ने यह भी कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं है बल्कि यह व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास और समाज के निर्माण का आधार भी है. विद्यार्थियों से अपेक्षा की गई कि वे अपने ज्ञान का उपयोग समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए करें.

समारोह के अंत में विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया. इस भव्य आयोजन ने न केवल विश्वविद्यालय के इतिहास में एक नई उपलब्धि दर्ज की बल्कि यह भी साबित कर दिया कि सीमांचल क्षेत्र में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर तेजी से विकसित हो रहे हैं. दीक्षांत समारोह के साथ ही 1198 विद्यार्थियों के जीवन में एक नई शुरुआत हुई और उन्होंने अपने सपनों की ओर आगे बढ़ने का संकल्प लिया.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-