समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी शुरू जबलपुर संभाग सहित कई जिलों में किसान पहुंचे खरीद केंद्र

समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी शुरू जबलपुर संभाग सहित कई जिलों में किसान पहुंचे खरीद केंद्र

प्रेषित समय :19:42:48 PM / Mon, Mar 16th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर। जबलपुर में रबी विपणन सीजन के तहत समर्थन मूल्य पर गेहूं की सरकारी खरीदी सोमवार से औपचारिक रूप से शुरू हो गई। प्रदेश के कई जिलों के साथ-साथ  जबलपुर   संभाग  में भी उपार्जन केंद्रों पर सुबह से ही हलचल देखने को मिली। किसान अपनी उपज लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों के माध्यम से केंद्रों तक पहुंचने लगे, जिससे कई स्थानों पर लंबी कतारें लग गईं। शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल बेचने की प्रक्रिया शुरू होते ही किसानों में उत्साह का माहौल दिखाई दिया और बड़ी संख्या में किसान अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
                                                       Jabalpur जिले के प्रमुख उपार्जन केंद्रों जैसे पनागर, सिहोरा और पाटन में प्रशासन की ओर से विशेष तैयारियां की गई हैं। अधिकारियों ने सुबह ही इन केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और तौल कांटों का विधिवत पूजन कर खरीदी प्रक्रिया का शुभारंभ कराया। किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए केंद्रों पर छाया, पेयजल और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इसके अलावा तुलाई और भंडारण के लिए आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध कराए गए हैं।

इस वर्ष गेहूं खरीदी की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए ई-उपार्जन पोर्टल के माध्यम से स्लॉट बुकिंग प्रणाली को अनिवार्य किया गया है। इसके तहत किसान पहले से ऑनलाइन पंजीकरण कर अपनी पसंद की तारीख और समय निर्धारित कर रहे हैं और उसी समय पर केंद्रों पर पहुंचकर अपनी उपज की तुलाई करवा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था से अनावश्यक भीड़ कम होगी और खरीदी प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सकेगी।

जबलपुर संभाग के अन्य जिलों जैसे Katni, Narsinghpur और Seoni में भी उपार्जन केंद्रों पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। किसानों का कहना है कि इस बार फसल की गुणवत्ता बेहतर है और उत्पादन भी अच्छा हुआ है, इसलिए उन्हें उम्मीद है कि सरकार से समर्थन मूल्य पर उचित भुगतान मिलेगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने भी स्पष्ट किया है कि किसानों को भुगतान की प्रक्रिया को तेज किया गया है और खरीदी के बाद राशि सीधे उनके बैंक खातों में स्थानांतरित की जाएगी।

उपार्जन केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है। कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं ताकि खरीदी प्रक्रिया की निगरानी की जा सके और बिचौलियों के हस्तक्षेप को रोका जा सके। तुलाई के बाद अनाज को बोरियों में भरकर उनकी सिलाई की जा रही है और भंडारण के लिए परिवहन वाहनों की व्यवस्था भी की गई है। प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में खरीदी केंद्रों पर किसानों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि कई क्षेत्रों में अभी भी गेहूं की कटाई जारी है।

कुछ स्थानों पर इंटरनेट की धीमी गति के कारण पंजीकरण सत्यापन में मामूली देरी की स्थिति भी सामने आई, हालांकि तकनीकी टीमों ने तुरंत समस्या को दूर करने का प्रयास किया। राज्य सरकार ने इस वर्ष गेहूं खरीदी का लक्ष्य पिछले वर्ष की तुलना में अधिक निर्धारित किया है और इसे पूरा करने के लिए नागरिक आपूर्ति निगम तथा विपणन संघ के अधिकारी लगातार सक्रिय हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम अनुकूल बना रहा और परिवहन व्यवस्था सुचारु रही तो आगामी सप्ताहों में प्रदेश के गोदाम गेहूं से भरने लगेंगे। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे साफ और अच्छी तरह सूखा हुआ अनाज ही उपार्जन केंद्रों पर लाएं, ताकि उनकी उपज को अस्वीकार न किया जाए और वे सरकारी योजना का पूरा लाभ प्राप्त कर सकें।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-