जबलपुर. शहर के समग्र विकास और नागरिक सुविधाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में नगर निगम ने बड़ा कदम उठाते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुमानित आय-व्यय बजट पारित कर दिया है. मेयर इन काउंसिल की बैठक में महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ की अध्यक्षता में पारित इस बजट को शहर को आधुनिक, आत्मनिर्भर और सुंदर महानगर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है. महापौर ने इसे दूरदर्शी सोच और व्यापक विजन के साथ तैयार किया गया बजट बताते हुए कहा कि यह पिछले वर्ष की तुलना में अधिक व्यवस्थित और प्रभावी है, जिससे शहर के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी.
महापौर ने बताया कि इस बजट का उद्देश्य केवल बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि जबलपुर को एक विकसित और व्यवस्थित महानगर के रूप में स्थापित करना है. उन्होंने कहा कि इस बजट के लागू होते ही शहर की तस्वीर तेजी से बदलेगी और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी. साथ ही नगर निगम को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी यह बजट कारगर साबित होगा. महापौर ने इसे शहरवासियों के हित में तैयार किया गया बजट बताते हुए कहा कि यह पिछले साल की तुलना में अधिक उपयोगी और जनहितकारी है.
बैठक में बजट पारित करने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए, जिनका सीधा असर शहर के विकास और रोजगार के अवसरों पर पड़ेगा. राइट टाउन क्षेत्र में 25 हजार वर्गफुट भूमि पर एक आधुनिक कामर्शियल मल्टीस्टोरी कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा, जिससे नगर निगम की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है. इसके अलावा शहर में आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए 100 प्रतिशत नसबंदी अभियान पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे नागरिकों को राहत मिल सके.
निगम ने स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए डेली नीड्स की दुकानों को खोलने का भी निर्णय लिया है, जिससे शिक्षित युवाओं को काम के अवसर मिलेंगे. महिलाओं के सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए नर्मदा प्रसादम मार्केट में दीदी कैफे और पालनाघर शुरू करने की योजना भी बनाई गई है, जिससे स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनने का अवसर मिलेगा.
शहर के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए कई प्रमुख मार्गों और चौकों के नामकरण के प्रस्ताव भी एमआईसी बैठक में पारित किए गए. शताब्दीपुरम स्थित चौक का नाम आचार्य कृष्णकांत चतुर्वेदी चौक रखा जाएगा, वहीं छोटा फुहारा से सूजीपुरा मार्ग का नाम श्री चिंतामन साहू जी मार्ग होगा. इसी तरह पी.के. कॉर्नर से आस्था लैब तक के मार्ग को संत तारण-तरण मार्ग और गढ़ा बाजार से श्रीरामलीला मैदान की ओर जाने वाले मार्ग को श्रीरामलीला मार्ग के नाम से जाना जाएगा. इन नामकरणों के माध्यम से शहर की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करने का प्रयास किया गया है.
जहां एक ओर नगर निगम विकास योजनाओं को अंतिम रूप दे रहा है, वहीं दूसरी ओर स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है. 17 मार्च को सुबह 7 बजे से ही महापौर, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने संयुक्त रूप से शहर के विभिन्न हिस्सों का सघन निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने शहर के प्रमुख स्थानों तीन पत्ती, मालवीय चौक, गोल बाजार और रानीताल में सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए.
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कठौंदा स्थित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का भी दौरा किया, जहां कचरे से बिजली बनाने की प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन किया गया. इसके साथ ही विभिन्न कंपोस्टिंग यूनिट्स और कचरा प्रबंधन संयंत्रों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता सुधार पर जोर दिया गया. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर की सफाई व्यवस्था को केवल बनाए रखना ही नहीं, बल्कि उसे उच्च स्तर तक ले जाना प्राथमिकता है.
महापौर ने इस दौरान कहा कि जबलपुर को स्वच्छता के मामले में देश का नंबर एक शहर बनाना प्रशासन का लक्ष्य है और इसके लिए हर स्तर पर काम किया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि यह लक्ष्य केवल प्रशासन के प्रयासों से नहीं, बल्कि नागरिकों के सहयोग से ही संभव हो सकेगा. कलेक्टर और निगमायुक्त ने भी नागरिकों से अपील की कि वे स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और शहर को साफ-सुथरा रखने में अपना योगदान दें.
प्रशासन की इस संयुक्त पहल से साफ है कि जबलपुर को विकास और स्वच्छता के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं. बजट में किए गए प्रावधान, विकास परियोजनाएं, रोजगार के अवसर और स्वच्छता पर दिया जा रहा विशेष ध्यान आने वाले समय में शहर की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.
कुल मिलाकर जबलपुर में विकास और सुशासन की दिशा में एक साथ कई मोर्चों पर काम हो रहा है. नगर निगम का नया बजट, प्रशासन का जमीनी निरीक्षण और स्वच्छता के प्रति गंभीरता यह संकेत दे रही है कि शहर को बेहतर बनाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं. आने वाले समय में इन योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ जबलपुर को एक आदर्श और अग्रणी शहर के रूप में स्थापित करने की उम्मीद और भी मजबूत हो गई है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

