जबलपुर. शहर में बढ़ती वाहन चोरी की घटनाओं के बीच माढ़ोताल पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से करीब 15 लाख रुपये कीमत के 15 चोरी के दुपहिया वाहन जब्त किए गए हैं, जिनमें अधिकांश वाहन जबलपुर से चोरी किए गए थे जबकि कुछ वाहन छत्तीसगढ़ के रायपुर से चोरी किए गए थे.
पुलिस के अनुसार इस पूरे मामले की शुरुआत उस समय हुई जब थाना माढ़ोताल में उमेश देव पांडेय ने अपनी मोटरसाइकिल चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई. 12 मार्च को दर्ज इस रिपोर्ट के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की. क्षेत्र में लगातार हो रही वाहन चोरी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने एक विशेष टीम गठित कर संदिग्धों की तलाश तेज कर दी.
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया. पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात कबूल कर ली. इसके बाद उनकी निशानदेही पर अलग-अलग स्थानों से चोरी की गई 15 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं. जब्त किए गए वाहनों की कुल कीमत लगभग 15 लाख रुपये बताई जा रही है.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी एक संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे थे और वाहन चोरी के बाद उन्हें दूसरे राज्यों में ले जाकर बेचने की योजना बनाते थे, ताकि आसानी से पहचान से बचा जा सके. आरोपियों ने कबूल किया कि वे सुनसान इलाकों में खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाते थे और मौके का फायदा उठाकर चोरी कर लेते थे.
बरामद किए गए वाहनों में से 12 वाहन जबलपुर शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से चोरी किए गए थे, जबकि 3 वाहन रायपुर, छत्तीसगढ़ से चोरी किए गए थे. इससे साफ होता है कि गिरोह अंतर्राज्यीय स्तर पर सक्रिय था और लंबे समय से इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा था.
पुलिस अब आरोपियों के अन्य साथियों की तलाश में जुट गई है और इस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है. साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि चोरी के इन वाहनों को कहां और किन लोगों को बेचा जाना था.
माढ़ोताल पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र में वाहन चोरी की घटनाओं पर लगाम लगने की उम्मीद है. पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों को सुरक्षित स्थान पर खड़ा करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

