रायपुर में सेप्टिक टैंक हादसा: तीन मजदूरों की दम घुटने से मौत, सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

रायपुर में सेप्टिक टैंक हादसा: तीन मजदूरों की दम घुटने से मौत, सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

प्रेषित समय :16:13:09 PM / Wed, Mar 18th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर दिया. रामकृष्ण हॉस्पिटल परिसर में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस के संपर्क में आने से तीन मजदूरों की मौत हो गई.

एक को बचाने उतरे, तीनों की गई जान

जानकारी के अनुसार, सफाई के लिए पहले एक मजदूर टैंक में उतरा, लेकिन कुछ ही देर में उसकी तबीयत बिगड़ गई. उसे बचाने के लिए दूसरा और फिर तीसरा मजदूर नीचे गया, पर जहरीली गैस के कारण तीनों बेहोश हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई. प्रारंभिक आशंका है कि टैंक में मीथेन और हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी घातक गैसें जमा थीं.

मृतकों की पहचान

इस हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान गोविंद सेंद्रे, अनमोल मचकन और प्रशांत कुमार के रूप में हुई है. तीनों स्थानीय निवासी थे और काम के दौरान यह दुर्घटना हुई.

अस्पताल परिसर में तनाव

घटना की सूचना मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे. गुस्से और शोक के माहौल के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिसके बाद पुलिस बल को तैनात कर हालात को नियंत्रित किया गया. अधिकारियों ने परिजनों को आश्वासन देते हुए जांच की बात कही है.

लापरवाही के संकेत, जांच शुरू

प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि बिना गैस जांच, वेंटिलेशन, ऑक्सीजन सपोर्ट और सेफ्टी उपकरणों के मजदूरों को टैंक में उतारा गया. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और तकनीकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.

क्यों खतरनाक होते हैं सेप्टिक टैंक?

सेप्टिक टैंकों में अक्सर जहरीली और ज्वलनशील गैसें जमा हो जाती हैं, जो कुछ ही सेकंड में व्यक्ति को बेहोश कर सकती हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे स्थानों पर काम करते समय गैस मॉनिटरिंग, सेफ्टी हार्नेस और सेल्फ-कंटेन्ड ब्रीदिंग उपकरण का इस्तेमाल अनिवार्य होना चाहिए.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-