छत्तीसगढ़ में शहरी विकास को नई दिशा: अवैध प्लॉटिंग पर सख्ती, नगर निवेश संशोधन विधेयक 2026 पारित

छत्तीसगढ़ में शहरी विकास को नई दिशा: अवैध प्लॉटिंग पर सख्ती, नगर निवेश संशोधन विधेयक 2026 पारित

प्रेषित समय :19:01:59 PM / Thu, Mar 19th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और अनियंत्रित विकास की चुनौतियों के बीच राज्य सरकार ने नगर नियोजन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ नगर एवं ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026 को छत्तीसगढ़ विधानसभा ने ध्वनिमत से पारित कर दिया.

इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में बढ़ती अवैध प्लॉटिंग पर रोक लगाना और योजनाबद्ध विकास को बढ़ावा देना है. सरकार का मानना है कि अब तक सीमित एजेंसियों के कारण नगर विकास योजनाएं अपेक्षित स्तर पर तैयार नहीं हो पाईं, जिससे कई शहरों में अव्यवस्थित विस्तार देखने को मिला.

वित्त मंत्री ने सदन में बताया कि अब नगर नियोजन के दायरे को बढ़ाते हुए विभिन्न सरकारी एजेंसियों और राज्य के स्वामित्व वाली कंपनियों को भी विकास योजनाएं तैयार करने और लागू करने का अधिकार दिया जाएगा. इस कदम से विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है.

अन्य राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां कई एजेंसियों की भागीदारी से शहरी विकास को बेहतर दिशा मिली है. विशेष रूप से अहमदाबाद में रिंग रोड जैसी परियोजनाओं ने योजनाबद्ध विस्तार का मॉडल प्रस्तुत किया है.

संशोधन के तहत 1973 के अधिनियम की धारा-38 में बदलाव किया गया है, जिससे नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकरणों के साथ-साथ अन्य सरकारी संस्थान भी योजनाओं के निर्माण में भाग ले सकेंगे. इससे आवास और औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की संभावना है.

सरकार का मानना है कि इस नए प्रावधान से राज्य में व्यवस्थित भूखंड उपलब्ध कराना आसान होगा और अवैध प्लॉटिंग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा. आने वाले समय में यह कानून छत्तीसगढ़ के शहरी विकास को अधिक संगठित और टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

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