जबलपुर. मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित आयुध निर्माणी खमरिया (ओएफके) में नौकरी लगवाने के नाम पर रांझी थाना क्षेत्र के तीन जालसाजों ने 10 बेरोजगारों को अपने जाल में फंसाया और उनसे करीब 30 लाख रुपए लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिए. नौकरी नहीं मिलने पर युवकों द्वारा रकम वापस मांगने पर उन्हें रकम भी नहीं लौटाई गई. परेशान होकर पीडि़तों ने रांझी थाने में शिकायत की. शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
रांझी थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी ने बताया कि शहपुरा डिंडौरी निवासी ज्ञान सिंह परस्ते उम्र 40 वर्ष व उसके साथियों ने थाने में शिकायत देकर बताया कि उनकी पहचान रांझी सुदर्शन वार्ड निवासी प्रदीप कश्यप, बजरंग नगर निवासी युवराज पटेल और अजीत सोनी से थी. तीनों ने उनसे कहा कि आयुध निर्माणी खमरिया में भर्ती निकली है. यदि दस लोग एक साथ आवेदन करते हैं, तो उनकी नौकरी लग जाएगी.
इसकी एवज में प्रत्येक उम्मीदवार को 3 लाख रुपए देने होंगे. उनकी बातों में आकर ज्ञान सिंह ने अपने रिश्तेदार व परिचित के शहपुरा डिंडौरी निवासी लखन लाल झारिया, सुरेंद्र सिंह कुलस्ते, बलवीर, ओमप्रकाश मसराम, नारायण सिंह मरावी, पदाली सिंह, प्रकाश कुंजाम, छिंदवाड़ा निवासी अजय भगत व कटनी निवासी पूजा सिंह से बात की और सभी को राजी कर लिया.
सभी ने नौकरी पाने के लिए 3-3 लाख रुपए दे दिए. रकम लेने के बाद तीनों आरोपियों ने सभी 10 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र थमा दिए. नियुक्ति पत्र लेकर वे जब फैक्ट्री पहुंचे तो पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी है. शिकायत की जांच कर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.


