जबलपुर: पुलिस की कार्रवाई, बीजेपी नेत्री के घर में फरारी काट रहे 3 हत्यारोपियों को पकड़ा, इंदौर में की थी वारदात

जबलपुर: पुलिस की कार्रवाई, बीजेपी नेत्री के घर में फरारी काट रहे 3 हत्यारोपियों को पकड़ा, इंदौर में की थी वारदात

प्रेषित समय :17:26:57 PM / Fri, Mar 20th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. मध्य प्रदेश के इंदौर के बाणगंगा क्षेत्र में हुए चर्चित अक्षय शर्मा हत्याकांड के तार जबलपुर से जुड़े पाये हैं. घटना के बाद से फरार चल रहे 3 मुख्य आरोपियों को पुलिस ने छापामार कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए आरोपियों की पहचान शशिकांत शर्मा, रवि और गौरव के रूप में हुई है, जिन पर पुलिस ने 2-2 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था.
ये आरोपी जबलपुर के राइट टाउन स्थित आदि एन्क्लेव में एक भाजपा नेत्री के घर और उसके आसपास छिपकर रह रहे थे. कोतवाली सीएसपी रितेश कुमार शिव और लार्डगंज थाना प्रभारी नवल आर्य की टीम ने मुखबिर की सूचना पर यह बड़ी कामयाबी हासिल की है.

बीजेपी नेत्री के घर दबिश, आरोपी गिरफ्तार

इंदौर पुलिस से मिली गोपनीय सूचना के आधार पर जबलपुर पुलिस ने शहर के होटल, ढाबों और बस स्टैंडों पर तलाशी अभियान शुरू किया था. इसी दौरान गुरुवार शाम पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी शशिकांत शर्मा अपनी सास शिखा शर्मा के घर में छिपा हुआ है, जो खुद को भाजपा नेत्री बताती हैं. पुलिस टीम ने तत्काल राइट टाउन के आदि एन्क्लेव स्थित मकान पर दबिश दी और शशिकांत को हिरासत में लिया. उससे हुई कड़ाई से पूछताछ के बाद पुलिस ने पास के ही एक अन्य ठिकाने से उसके साथी रवि और गौरव को भी पकड़ लिया. इन तीनों को आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद इंदौर पुलिस की टीम के हवाले कर दिया गया है.

शाजापुर ले जाकर दी गई थी यातनाएं

 आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से अक्षय शर्मा का अपहरण किया. शशिकांत शर्मा ने अक्षय को फोन करके जमीन के पास बुलाया और वहां से उसे कार में डालकर इंदौर से 100 किलोमीटर दूर शाजापुर ले गए. शाजापुर में एक दोस्त के फार्महाउस पर अक्षय के साथ बर्बरता की सभी हदें पार कर दी गईं. आरोपियों ने उसे निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा और जबरन शराब पिलाई. गंभीर यातनाएं देते हुए गर्म लोहे की रॉड से उसके शरीर को कई जगह दागा गया और उसके निजी अंगों को भी जला दिया गया. अधमरी हालत में 18 जनवरी को आरोपी उसे इंदौर के बाणगंगा थाने के पास फेंककर भाग निकले थे.

पारिवारिक रंजिश, पुराना विवाद

पुलिस तफ्तीश के अनुसार मृतक अक्षय शर्मा और आरोपी पक्ष के बीच पुश्तैनी प्लॉट को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. अक्षय और आरोपी एक ही परिसर में रहते थे और दोनों पक्ष उस बेशकीमती जमीन पर अपना दावा कर रहे थे. इस रंजिश में एक मोड़ तब आया जब अक्षय पर उसकी ही एक 22 वर्षीय रिश्तेदार बहन के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा और इसकी एफआईआर भी दर्ज कराई गई. इसी विवाद और बदले की भावना के चलते अक्षय की हत्या की खौफनाक साजिश रची गई. गंभीर रूप से घायल अक्षय ने 22 जनवरी को इंदौर के एमवाई अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था.

अन्य फरार आरोपियों की तलाश तेज

बाणगंगा थाना पुलिस ने इस मामले में शशिकांत शर्मा, गोविंद शर्मा, रवि शर्मा, गौरव शर्मा, विनोद शर्मा, राहुल शर्मा, सत्यम शर्मा, रवि शर्मा और रिंकू शर्मा के खिलाफ हत्या और अपहरण की धाराओं में मामला दर्ज किया है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विनोद, रिंकू और राहुल को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि जबलपुर से पकड़े गए तीन आरोपियों को इंदौर ले जाया गया है. इस प्रकरण में सत्यम और रवि नाम के दो अन्य आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिनकी तलाश में छापेमारी जारी है. पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने इंदौर पुलिस को हत्याकांड की गुत्थी पूरी तरह सुलझाने में बड़ी मदद दी है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-