एसी कोच अटेंडेंट की योग्यता में रेलवे ने किया बदलाव : अब 12वीं पास भी बनेंगे सुपरवाइजर

एसी कोच अटेंडेंट की योग्यता में रेलवे ने किया बदलाव : अब 12वीं पास भी बनेंगे सुपरवाइजर

प्रेषित समय :14:02:13 PM / Sat, Mar 21st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. रेलवे बोर्ड ने एसी कोच अटेंडेंट की योग्यता मानदंडों में संशोधन किया है. 17 फरवरी, 2026 को जारी आदेश में रेलवे बोर्ड ने निर्धारित योग्यता में बदलाव करते हुए एसी कोच अटेंडेंट के लिए आइटीआइ (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है. यह निर्णय रेल यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने के उद्देश्य से किया गया है

नए संशोधित प्रावधान के तहत एसी कोच अटेंडेंट के लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं पास (इंटरमीडिएट) तय की गई है. यद्यपि, अर्ध कुशल श्रेणी के अंतर्गत कोचों की छोटी-मोटी मरम्मत के लिए प्रशिक्षित होना आवश्यक होगा. इसके अलावा, अटेंडेंट को अपने जिम्मे दिए गए कोचों में सुपरवाइजर की भूमिका भी निभानी होगी.

रेलवे बोर्ड ने दिया है ये आदेश

रेलवे बोर्ड के निदेशक लव शुक्ला ने 18 मार्च 2026 को पत्र लिखकर भारतीय रेलवे के सभी जोनल महाप्रबंधकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिया है. बोर्ड निदेशक ने कहा है कि यह अहम निर्णय निर्णय उत्तर रेलवे द्वारा जताई गई चिंताओं के बाद लिया गया है. जिसमें आइटीआइ की योग्यता वाले कर्मचारियों की सीमित उपलब्धता के कारण नीति के क्रियान्वयन में कठिनाइयों की बात कही गई है. बोर्ड निदेशक ने स्पष्ट किया है कि 17 फरवरी को जारी नीति के अन्य सभी प्रविधान यथावत रहेंगे. यह आदेश रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष की मंजूरी के बाद जारी किया गया है.

इसलिए बदलाव किया

दरअसल, रेलवे बोर्ड ने आन बोर्ड सर्विस में बड़ा बदलाव किया है. लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों को बेहतर और साफ-सुथरा सफर देने के उद्देश्य से आन बोर्ड हाउसकीपिंग सर्विस (आोबीएचएस) में सुधार के लिए नई पालिसी जारी की है. इस संबंध में सभी जोनल रेलवे को दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं. बोर्ड का कहना है कि ट्रेनों में सफाई बनाए रखने और यात्रियों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने में ओबीएचएस की भूमिका महत्वपूर्ण होती है. एसी कोचों में अटेंडेंट भी आन बोर्ड लिनेन मैनेजमेंट का कार्य करते हैं. लेकिन, पिछले कुछ वर्षों में यह देखा गया है कि लगातार मानीटरिंग के बावजूद आन बोर्ड सर्विस की गुणवत्ता और निरंतरता में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है.
इसका मुख्य कारण गैर प्रोफेशनल एजेंसियों द्वारा नियुक्त अप्रशिक्षित और कम प्रेरित कर्मचारियों को माना गया है, जिससे सेवा में कमी और शिकायतों में बढ़ोतरी हुई है. नई पालिसी में प्रोफेशनल और जिम्मेदार सर्विस प्रोवाइडर्स ही शामिल किए जाएंगे. शुरुआत में नई पालिसी हर जोन की पांच चयनित ट्रेनों में लागू की जाएगी. आने वाले दिनों में सभी लंबी दूरी की ट्रेनों नई पालिसी लागू होगी.

ऑन बोर्ड सर्विस की नई पालिसी

- प्रोफेशनल और जिम्मेदार सर्विस प्रोवाइडर्स को शामिल किया जाएगा.
- सर्विस प्रोवाइडर्स ट्रेन की प्रारंभ से अंत तक की स्पष्ट जवाबदेही निभाएंगे.
- जिम्मेदारियों में शामिल होंगे आन बोर्ड सफाई और हाउसकीपिंग.
- तैनात प्रशिक्षित मैनपावर, सत्यापित और यूनिफार्म अनिवार्य.
- ऑन बोर्ड सर्विस की जिम्मेदारी
- लिनेन मैनेजमेंट, टायलेट मेंटिनेंस, कचरा प्रबंधन, बेसिक सेफ्टी चेक, छोटा-मोटा मरम्मत कार्य, यात्रियों को फर्स्ट रिस्पान्स सपोर्ट.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-