देश में रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर चल रही समस्याओं के बीच एक बड़ी तकनीकी पहल सामने आई है। Bharat Petroleum Corporation Limited ने हरियाणा के Gurugram में भारत का पहला 24x7 एलपीजी वेंडिंग मशीन “भारतगैस इंस्टा” लॉन्च कर दिया है। यह पहल घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
यह अत्याधुनिक एलपीजी एटीएम गुरुग्राम के सोहना क्षेत्र स्थित एक रिहायशी सोसाइटी में स्थापित किया गया है, जहां फिलहाल इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। कंपनी का दावा है कि इस मशीन के जरिए उपभोक्ता केवल 2 से 3 मिनट में अपना खाली सिलेंडर बदलकर भरा हुआ सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं।
इस सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल और कॉन्टैक्टलेस बनाया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को सुविधा के साथ-साथ सुरक्षा भी मिलती है। प्रक्रिया की शुरुआत उपभोक्ता द्वारा अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करने से होती है, जिसके बाद ओटीपी के माध्यम से सत्यापन किया जाता है। इसके बाद खाली सिलेंडर को मशीन में लगे वेटिंग प्लेटफॉर्म पर रखा जाता है, जहां उसका बारकोड या क्यूआर कोड स्कैन किया जाता है।
सत्यापन के बाद उपभोक्ता डिजिटल माध्यमों जैसे यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिए भुगतान कर सकते हैं। भुगतान पूरा होते ही मशीन का दूसरा कंपार्टमेंट खुलता है, जहां से उपभोक्ता को भरा हुआ गैस सिलेंडर मिल जाता है। पूरी प्रक्रिया बेहद तेज और आसान है, जिससे पारंपरिक डिलीवरी सिस्टम पर निर्भरता कम होती है।
इस मशीन की एक खासियत यह भी है कि यह एक समय में लगभग 10 भरे हुए सिलेंडर स्टोर कर सकती है। जैसे ही स्टॉक घटकर दो सिलेंडर तक पहुंचता है, मशीन में लगे स्मार्ट सेंसर नजदीकी गैस एजेंसी को अलर्ट भेज देते हैं, जिससे समय रहते रीफिलिंग सुनिश्चित की जा सके।
“भारतगैस इंस्टा” में पारंपरिक भारी स्टील सिलेंडरों की जगह आधुनिक कंपोजिट सिलेंडर दिए जा रहे हैं। ये सिलेंडर फाइबर से बने होते हैं और इनका वजन करीब 15 किलोग्राम होता है, जो सामान्य 30 किलोग्राम के सिलेंडर से लगभग आधा है। ये सिलेंडर जंग-रहित, साफ-सुथरे और अधिक सुरक्षित माने जाते हैं। खास बात यह है कि इनमें से कई पारदर्शी होते हैं, जिससे उपभोक्ता गैस का स्तर आसानी से देख सकते हैं।
कंपनी ने यह सुविधा भी दी है कि जो उपभोक्ता पारंपरिक सिलेंडर का उपयोग कर रहे हैं, वे इस मशीन के जरिए सीधे नए कंपोजिट सिलेंडर में स्विच कर सकते हैं। इससे शहरी क्षेत्रों में गैस उपयोग का अनुभव और भी सुविधाजनक बनने की उम्मीद है।
यह पहल ऐसे समय में शुरू की गई है जब देश के कई हिस्सों में एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी में 7 से 10 दिनों तक की देरी की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में 24 घंटे उपलब्ध यह सेल्फ-सर्विस मॉडल उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है, क्योंकि उन्हें अब गैस के लिए डिलीवरी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
फिलहाल यह सुविधा सीमित दायरे में केवल भारतगैस ग्राहकों के लिए उपलब्ध है, लेकिन यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो इसे देश के अन्य शहरों और रिहायशी इलाकों में भी लागू किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल न केवल गैस वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाएगी, बल्कि शहरी भारत में डिजिटल और ऑटोमेटेड सेवाओं के विस्तार को भी नई दिशा देगी। आने वाले समय में इस तरह की तकनीक आम उपभोक्ताओं के दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-




