जबलपुर.राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने मध्य प्रदेश के लाइफलाइन माने जाने वाले रीवा-लखनादौन नेशनल हाईवे (NH-30) पर बढ़ते सड़क हादसों को रोकने की दिशा में एक ऐतिहासिक और बड़ा कदम उठाया है. जबलपुर जिले के अंतर्गत आने वाले इस महत्वपूर्ण राजमार्ग पर चिन्हित किए गए चार सबसे खतरनाक 'ब्लैक स्पॉट' को अब हमेशा के लिए खत्म करने की तैयारी कर ली गई है. इन स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के लिए एनएचएआई ने चार नए ओवरब्रिज और अंडरपास के निर्माण को आधिकारिक मंजूरी दे दी है. लगभग 60 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस बड़ी परियोजना का उद्देश्य राजमार्ग पर यातायात को सुगम बनाने के साथ-साथ वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
रीवा से लखनादौन के बीच का यह मार्ग प्रदेश के सबसे व्यस्ततम मार्गों में से एक है, जिस पर 24 घंटे भारी वाहनों और यात्री बसों का दबाव रहता है. पिछले कुछ वर्षों में सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों और जिला प्रशासन द्वारा किए गए सर्वे में यह बात सामने आई थी कि कुछ खास चौराहे और मोड़ ऐसे हैं जहां आए दिन गंभीर दुर्घटनाएं होती हैं. इन स्थानों को तकनीकी भाषा में 'ब्लैक स्पॉट' कहा जाता है, जहां सड़क की बनावट या भारी ट्रैफिक के दबाव के कारण जानमाल का भारी नुकसान होता रहा है. स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा लंबे समय से इन स्थानों पर ओवरब्रिज या अंडरपास बनाने की मांग की जा रही थी, जिस पर अब केंद्र सरकार और एनएचएआई ने अपनी मुहर लगा दी है.
परियोजना के विवरण के अनुसार, इन चार नए निर्माणों के लिए बजट आवंटित कर दिया गया है और जल्द ही इनकी निविदा प्रक्रिया (टेंडर) शुरू की जाएगी. 60 करोड़ रुपये की इस राशि का उपयोग केवल पुलों के निर्माण में ही नहीं, बल्कि उन मोड़ों को ठीक करने और सर्विस रोड को व्यवस्थित करने में भी किया जाएगा, जो दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं. एनएचएआई के अधिकारियों का मानना है कि इन ओवरब्रिज और अंडरपास के बन जाने से छोटे वाहनों और पैदल चलने वालों को हाईवे क्रॉस करने में आसानी होगी और वे सीधे तौर पर तेज रफ्तार भारी वाहनों की चपेट में आने से बच सकेंगे. इसके अलावा, इससे जबलपुर से रीवा और नागपुर की ओर जाने वाले यात्रियों का समय भी बचेगा क्योंकि अब उन्हें इन संवेदनशील जंक्शनों पर लगने वाले जाम से निजात मिल जाएगी.
इस परियोजना के स्वीकृत होने से न केवल जबलपुर बल्कि आसपास के जिलों के यात्रियों में भी राहत की लहर है. पुलिस विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इन ब्लैक स्पॉट्स पर होने वाले हादसों में हर साल दर्जनों लोग अपनी जान गंवाते थे. अब तकनीकी सुधार के माध्यम से इन आंकड़ों को शून्य पर लाने का लक्ष्य रखा गया है. विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य के दौरान यातायात को सुचारू रखने के लिए डायवर्जन प्लान भी तैयार किया जाएगा ताकि यात्रियों को असुविधा न हो. आगामी कुछ महीनों में निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है, जिसे एक निश्चित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

