नई दिल्ली. नुवान तुषारा को आगामी Indian Premier League से बाहर होना पड़ सकता है, क्योंकि Sri Lanka Cricket ने उन्हें अनापत्ति प्रमाण पत्र देने से इनकार कर दिया है. यह निर्णय श्रीलंका क्रिकेट द्वारा लागू की गई नई और कड़ी शारीरिक क्षमता नीति के तहत लिया गया है, जिससे खिलाड़ी के करियर पर बड़ा असर पड़ सकता है.
रिपोर्ट के अनुसार श्रीलंका क्रिकेट ने विदेशी प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए खिलाड़ियों के लिए सख्त मानक तय किए हैं. इन नियमों के तहत अब हर खिलाड़ी को निर्धारित शारीरिक क्षमता परीक्षण में सफल होना अनिवार्य कर दिया गया है. इसी प्रक्रिया के तहत नुवान तुषारा को भी परीक्षण से गुजरना था, लेकिन वह निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतर सके.
इस फैसले के कारण तुषारा को एक बड़ा आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है. बताया जा रहा है कि उन्हें Royal Challengers Bengaluru की ओर से लगभग एक करोड़ साठ लाख रुपये का अनुबंध मिलने वाला था, जो अब खतरे में पड़ गया है. यदि उन्हें अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिलता है, तो वह इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पाएंगे.
श्रीलंका क्रिकेट ने अपनी नई नीति में स्पष्ट कर दिया है कि केवल वही खिलाड़ी विदेशी प्रतियोगिताओं में भाग ले सकेंगे जो पूरी तरह से शारीरिक रूप से फिट हों. बोर्ड ने इस मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतने का निर्णय लिया है और इसे सख्ती से लागू किया जा रहा है.
हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि तुषारा इस समय किसी गंभीर चोट से ग्रस्त नहीं हैं और गेंदबाजी करने के लिए उपलब्ध हैं, लेकिन उनकी समग्र शारीरिक स्थिति को लेकर संदेह जताया गया है. इसी कारण चयनकर्ताओं और बोर्ड ने सख्त रुख अपनाया है.
तुषारा के लिए यह झटका ऐसे समय में आया है जब वह पहले ही राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह को लेकर संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने वर्ष 2025 के एशिया कप में अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन इसके बाद उन्हें विश्व प्रतियोगिता के लिए टीम में शामिल नहीं किया गया. तेज गेंदबाजों की कमी के बावजूद उन्हें नजरअंदाज किए जाने से उनके भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
दूसरी ओर श्रीलंका क्रिकेट ने यह भी बताया है कि कुछ अन्य खिलाड़ियों ने शारीरिक परीक्षण में सफलता हासिल कर ली है और उन्हें विदेशी प्रतियोगिताओं में खेलने की अनुमति दे दी गई है. इनमें कई प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं, जिन्होंने सभी मानकों को पूरा किया है.
यह भी जानकारी सामने आई है कि एक खिलाड़ी को विशेष परिस्थिति में बिना परीक्षण के अनुमति दी गई, क्योंकि वह इस समय राष्ट्रीय टीम के चयन की दौड़ में शामिल नहीं है. इससे यह स्पष्ट होता है कि बोर्ड हर मामले को अलग-अलग आधार पर देख रहा है, लेकिन मुख्य रूप से फिटनेस को प्राथमिकता दी जा रही है.
नुवान तुषारा के लिए यह स्थिति उनके करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है. आईपीएल जैसे बड़े मंच से बाहर होना न केवल उनके खेल को प्रभावित करेगा, बल्कि उन्हें मिलने वाले अनुभव और आर्थिक अवसरों पर भी असर डालेगा.
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक क्रिकेट में फिटनेस का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है और बोर्ड द्वारा उठाया गया यह कदम खिलाड़ियों को बेहतर शारीरिक स्तर बनाए रखने के लिए प्रेरित करेगा. हालांकि, इससे कुछ खिलाड़ियों को तत्काल नुकसान भी उठाना पड़ सकता है.
फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि क्या तुषारा भविष्य में इन मानकों को पूरा कर पाते हैं या नहीं. यदि वह ऐसा करने में सफल होते हैं, तो उनके लिए अंतरराष्ट्रीय और घरेलू प्रतियोगिताओं के दरवाजे फिर से खुल सकते हैं.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

