एमपी: डबरा नगर पालिका सीएमओ ने पीएम आवास योजना में किया सवा करोड़ का भ्रष्टाचार, ईओडबलू ने की एफआईआर दर्ज

एमपी: डबरा नगर पालिका सीएमओ ने पीएम आवास योजना में किया सवा करोड़ का भ्रष्टाचार, ईओडबलू ने की एफआईआर दर्ज

प्रेषित समय :19:32:14 PM / Thu, Mar 26th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

ग्वालियर. डबरा नगर पालिका के सीएमओ प्रदीप भदौरिया द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार किये जाने की शिकायत पर जांच के बाद ईओडब्ल्यू ने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. आरोपी ने हितग्राहियों से रिश्वत लेकर उनके खाते में निर्धारित राशि से अधिक अनुदान राशि देकर सरकार को 1 करोड़ 31 लाख 50 हजार का चूना लगाया है.

विभाग के अनुसार शिकायतकर्ता दीदार कॉलोनी झांसी रोड डबरा ग्वालियर निवासी धर्मेन्द्र सिंह हैप्पी) पुत्र कश्मीर सिंह जो वार्ड नंबर 11 से पार्षद भी है, उन्होंने एसपी ईओडब्ल्यू ग्वालियर को लिखित शिकायत करते हुए प्रदीप भदौरिया, तत्कालीन सीएमओ,नगर पालिका परिषद डबरा जिला ग्वालियर पर पीएम आवास योजना में 1 अप्रैल 2023 से 30 अप्रैल 2024 के बीच हितग्राहियों को शासन द्वारा निर्धारित ढाई लाख रुपये के स्थान पर सांठगांठ कर कई हितग्राहियों के खातों में 3 लाख रुपये की रकम डालने और बिना जियो टैगिंग के हितग्राही से पैसे लेकर उनके अकाउंट में पैसा डालने के आरोप लगाये थे. ईओडब्ल्यू मुख्यालय भोपाल द्वारा शिकायत दर्ज कर जॉच के लिये ग्वालियर ईओडब्ल्यू को सौपीं गई.

बिना जियो टैगिंग और नोटशीट के भुगतान कर दिया

जांच में सामने आया की पीएम आवास योजना के तहत प्रत्येक हितग्राही को कुल ढाई लाख रुपये की राशि तीन किस्तों में दी जानी निर्धारित है. लेकिन इसके विपरीत आरोपियों ने 13 विशिष्ट हितग्राहियों के खातों में नियमों के खिलाफ 3-3 लाख रुपये पोर्टल के माध्यम से डाल दी. इतना ही नहीं इसके लिये जियो टैगिंग और प्रक्रियाओं की अनदेखी कर बिना अनिवार्य जियो टैगिंग और बिना नोटशीट संचालन के ही सीधे पीपीए जारी कर भुगतान कराया गया.

सीएमओ और संविदा कर्मचारी की ने रिश्वत लेकर किया गोलमाल

जांच में सामने आया की तत्कालीन सीएमओ प्रदीप भदौरिया ने संविदा कर्मचारी राहुल गुप्ता को नियम विरूद्ध पोर्टल संचालन और भुगतान प्रक्रियाओं हेतु अधिकृत किया था. दोनों ने मिलकर और रिश्वत लेकर हितग्राहियों को निर्धारित रकम से अधिक अनुदान राशि का भुगतान किया एवं प्रक्रिया का पालन किये ही बिना भौतिक सत्यापन जियो टैगिंग)के ही 1 करोड़ 31 लाख 50 हजार रुपये निकालकर शासन को क्षति पहुचांई. जॉच के आधार पर ईओडब्ल्यू ने दोनो आरोपियो प्रदीप भदौरिया तत्कालीन सीएमओ और राहुल गुप्ता,कम्प्यूटर ऑपरेटर, संविदाकर्मी नगर पालिका परिषद डबरा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित अन्य धाराओ में मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरु कर दी है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-