एमपी सरकार द्वारा दूसरे राज्यों को 3.81 रुपए दी जा रही सस्ती बिजली, यहां पर 7.05 रुपए दे रहे, 200 यूनिट पर 1600 तक बिल

एमपी सरकार द्वारा दूसरे राज्यों को 3.81 रुपए दी जा रही सस्ती बिजली, यहां पर 7.05 रुपए दे रहे, 200 यूनिट पर 1600 तक बिल

प्रेषित समय :18:19:34 PM / Sat, Mar 28th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नया बिजली टैरिफ जारी किया है. इसमें औसतन 4.80 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है. जिससे प्रदेश के करीब 1.90 करोड़ उपभोक्ताओं के बिजली बिल बढ़ेंगे.

नए टैरिफ के अनुसार आम उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दर करीब 7.05 रुपए प्रति यूनिट तय की गई है. वहीं आयोग के दस्तावेजों के अनुसार दूसरे राज्यों को बिजली करीब 3.81 रुपए प्रति यूनिट की दर से दी जाएगी. यानी प्रदेश के उपभोक्ताओं के लिए दर दूसरे राज्यों के मुकाबले करीब 3 रुपए प्रति यूनिट ज्यादा है. 26 मार्च को राज्य सरकार ने बिजली के नए बढ़े हुए दाम जारी किए हैं. टैरिफ आदेश के मुताबिक बाहर सप्लाई की जाने वाली बिजली की दर 3.81 रुपए प्रति यूनिट तय की गई है. जबकि प्रदेश के उपभोक्ताओं के लिए दर 7.05 रुपए प्रति यूनिट निर्धारित की गई है.

255 पेज के टैरिफ आदेश के पेज नंबर 76 में दी गई तालिका से यह अंतर साफ दिखाई देता है. इसमें बताया गया है कि राज्य में 10.198.02 मिलियन यूनिट बिजली सरप्लस है. जिसे कम दर पर बाहर भेजा जा रहा है. मध्यप्रदेश नागरिक उपभोक्ता मंच के सदस्य मनीष शर्मा ने बताया कि सरकार निजी कंपनियों और दूसरे राज्यों से बिजली खरीदने के लिए समझौते करती है. गर्मी के समय जब मांग बढ़ती है. तब इन समझौतों का उपयोग किया जाता है. उन्होंने कहा कि अगर खरीदी गई पूरी बिजली का उपयोग नहीं हो पाता, तब भी उसका भुगतान करना पड़ता है. उनके मुताबिक इसी वजह से अतिरिक्त बिजली दूसरे राज्यों को कम दर पर दी जाती है और प्रदेश में दरें बढ़ाकर वसूली की जाती है.

सरकार के पास बदलाव का अधिकार-

विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 108 के तहत राज्य सरकार नियामक आयोग को निर्देश देकर इन दरों पर दोबारा विचार करा सकती है. नए टैरिफ में मेट्रो और उच्च दाब वाले कुछ उपभोक्ताओं को राहत दी गई है. इन श्रेणियों में दरें नहीं बढ़ाई गई हैं. गुड़ और शक्कर बनाने वाले उच्च दाब उपभोक्ताओं को भी लाभ मिला है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-