मैनपुरी. उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने न केवल एक साधारण किसान परिवार को सकते में डाल दिया है बल्कि पूरे बैंकिंग सिस्टम की कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं. जिले की एक महिला सीता जब अपना बैंक बैलेंस चेक करने के लिए एटीएम पहुंचीं, तो उनकी आंखों के सामने जो आंकड़े थे, उन पर यकीन करना नामुमकिन था. उनके खाते में अचानक 9,99,49,586 रुपये जमा दिख रहे थे. करीब 10 करोड़ रुपये की यह भारी-भरकम राशि देखकर परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई और यह खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई.
घटना की शुरुआत तब हुई जब महिला का बेटा अरुण कुमार बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम पर पिन बनाने और बैलेंस की जांच करने गया था. जैसे ही उसने बैलेंस इन्क्वायरी का बटन दबाया, स्क्रीन पर 9 करोड़ से ज्यादा की रकम फ्लैश होने लगी. अरुण और उसके परिवार के लिए यह किसी बड़े झटके से कम नहीं था क्योंकि उनका पूरा परिवार खेती-बाड़ी और कड़ी मेहनत से अपना गुजर-बसर करता है. उनके लिए इतनी बड़ी राशि का सपने में भी होना असंभव था.
खाताधारक सीता ने इस मामले पर पूरी ईमानदारी और सादगी से अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्हें इस पैसे के स्रोत के बारे में कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह पैसा उनका नहीं है और जिसका भी है, वह इसे वापस ले जाए. सीता के पति फरजान ने भी इसी बात को दोहराते हुए कहा कि वे एक मेहनतकश परिवार हैं और उन्हें दूसरों के पैसे पर कोई हक नहीं चाहिए. उन्होंने फैसला किया है कि जैसे ही बैंक खुलेगा, वे बैंक अधिकारियों के पास जाकर इस पूरी स्थिति की जानकारी देंगे और पैसा वापस करने की प्रक्रिया पूरी करेंगे.
इस अजीबोगरीब घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एटीएम स्क्रीन पर करोड़ों की राशि साफ देखी जा सकती है. मामला तूल पकड़ने के बाद बैंक ऑफ इंडिया की सुल्तानगंज शाखा के अधिकारियों ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. शाखा प्रबंधक के अनुसार, यह पूरी घटना एक तकनीकी गड़बड़ी या 'टेक्निकल ग्लिच' का परिणाम है. बैंक का कहना है कि महिला का बैंक में पहले से एक लोन खाता था और तकनीकी कारणों से एटीएम स्क्रीन पर यह बड़ी राशि प्रदर्शित हुई. हालांकि, बैंक की इस दलील के बावजूद लोग डिजिटल बैंकिंग की सुरक्षा और सटीकता को लेकर चर्चा कर रहे हैं. फिलहाल परिवार बैंक खुलने का इंतजार कर रहा है ताकि इस वित्तीय रहस्य का आधिकारिक तौर पर पटाक्षेप हो सके और वे अपनी सामान्य जिंदगी में वापस लौट सकें.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

