शनि की साढ़े साती के प्रभाव को कम करने के लिए सलमान खान ने पहनी नीलम की अंगूठी

शनि की साढ़े साती के प्रभाव को कम करने के लिए सलमान खान ने पहनी नीलम की अंगूठी

प्रेषित समय :21:53:47 PM / Wed, Apr 1st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के हाथ में दिखने वाली फिरोजा ब्रेसलेट के बाद अब उनके नीलम रत्न की अंगूठी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें सलमान खान मंच पर अपनी जेब से नीलम निकालकर पहनते नजर आ रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नीलम रत्न का सीधा संबंध न्याय के देवता और कर्मफल दाता शनि देव से है। सलमान खान की राशि मकर और लग्न कुंभ है, और इन दोनों ही राशियों के स्वामी शनि देव हैं।

ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि सलमान खान फिलहाल शनि की साढ़े साती के प्रभाव से गुजर रहे हैं। 2025 में शनि के राशि परिवर्तन के साथ ही उनकी राशि पर इसके गहरे प्रभाव को कम करने के लिए उन्होंने यह रत्न धारण किया है। नीलम को संस्कृत में 'अपराजिता' या 'नीलमणि' भी कहा जाता है। यह रत्न जितना शक्तिशाली है, उतना ही संवेदनशील भी माना जाता है। मान्यता है कि यह पहनने वाले के कर्मों और ग्रहों की स्थिति के अनुसार या तो उसे अपार समृद्धि दे सकता है या फिर अचानक पतन का कारण भी बन सकता है।

भारतीय परंपरा में नीलम यानी ब्लू सैफायर को बेहद शक्तिशाली रत्न माना जाता है, जिसका सीधा संबंध Saturn यानी शनि ग्रह से जोड़ा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि को कर्म, न्याय, अनुशासन और देरी का कारक ग्रह माना जाता है। यह ग्रह व्यक्ति के जीवन में बड़े उतार-चढ़ाव ला सकता है, इसलिए इसे संतुलित रखना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।

वायरल वीडियो के बाद यह चर्चा और तेज हो गई कि Salman Khan नीलम इसलिए पहनते हैं ताकि शनि के नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सके। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार उनका राशि चिन्ह मकर (Capricorn) और लग्न कुंभ (Aquarius) है, और इन दोनों राशियों पर शनि का ही शासन होता है। ऐसे में शनि की स्थिति उनके जीवन पर विशेष प्रभाव डालती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, जब किसी व्यक्ति की कुंडली में Sade Sati यानी साढ़े साती का प्रभाव होता है, तब जीवन में चुनौतियां बढ़ सकती हैं। यह लगभग साढ़े सात साल का कठिन समय माना जाता है, जिसमें मानसिक, आर्थिक और शारीरिक दबाव देखने को मिल सकता है। माना जा रहा है कि अभिनेता इस प्रभाव को कम करने के लिए नीलम धारण करते हैं।

नीलम को संस्कृत में “नीलमणि” या “अपराजिता नीलम” भी कहा जाता है और इसे बहुत तेज असर दिखाने वाला रत्न माना जाता है। कहा जाता है कि यह रत्न व्यक्ति को अचानक सफलता और समृद्धि दिला सकता है, लेकिन यदि यह सूट न करे तो उतनी ही तेजी से नुकसान भी पहुंचा सकता है। यही कारण है कि ज्योतिषी इसे पहनने से पहले विशेष सलाह लेने की बात करते हैं।

Salman Khan के हाथ में अक्सर दिखाई देने वाला उनका प्रसिद्ध ब्रेसलेट भी चर्चा का विषय रहा है, जिसमें नीला पत्थर जड़ा हुआ है। कई लोग इसे केवल स्टाइल का हिस्सा मानते थे, लेकिन ज्योतिष के जानकार इसे सुरक्षा और सफलता से जोड़कर देखते हैं। माना जाता है कि यह पत्थर नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नजर से बचाव करता है।

वैदिक ज्योतिष में शनि की दृष्टि को भी बेहद प्रभावशाली माना गया है, जिसे “शनि दृष्टि” कहा जाता है। यह व्यक्ति के जीवन के विभिन्न क्षेत्रों जैसे करियर, संबंध और संचार पर असर डालती है। खासकर पब्लिक लाइफ से जुड़े लोगों के लिए, जैसे कि फिल्म स्टार, शनि का संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जाता है।

हालांकि आधुनिक दौर में कई लोग ज्योतिष, वास्तु और रत्नों पर विश्वास नहीं करते, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग, खासकर फिल्मी सितारे और राजनेता, इन पर भरोसा करते नजर आते हैं। माना जाता है कि यह प्राचीन भारतीय परंपरा विज्ञान और अनुभव का मिश्रण है, जिसे आज भी कई लोग अपने जीवन का हिस्सा बनाए हुए हैं।

इस पूरे मामले के बीच एक बात बार-बार सामने आ रही है कि नीलम जैसा शक्तिशाली रत्न बिना सही सलाह के नहीं पहनना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, यह हर व्यक्ति के लिए लाभकारी नहीं होता और गलत तरीके से पहनने पर इसके दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं।

सलमान खान के जीवन में अनुशासन, न्याय और करियर में स्थिरता बनाए रखने के लिए शनि का शांत रहना अनिवार्य माना जाता है। उनके प्रसिद्ध ब्रेसलेट में भी लगा नीला पत्थर (फिरोजा) उन्हें बुरी नजर से बचाने और सफलता दिलाने के लिए जाना जाता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, शनि देव कुंडली के तीसरे, सातवें और दसवें भाव पर अपनी दृष्टि डालते हैं, जो संचार, साझेदारी और करियर को नियंत्रित करते हैं। एक अभिनेता के तौर पर इन क्षेत्रों में सफलता के लिए शनि का अनुकूल होना बेहद जरूरी है। फिलहाल Salman Khan का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसके जरिए एक बार फिर ज्योतिष और रत्नों को लेकर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे आस्था से जोड़कर देख रहे हैं तो कुछ इसे केवल एक निजी पसंद या स्टाइल का हिस्सा मान रहे हैं, लेकिन इतना जरूर है कि इस घटना ने लोगों का ध्यान एक बार फिर ज्योतिषीय मान्यताओं की ओर खींच लिया है।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-