कोयला तस्करी केस में ईडी की बड़ी कार्रवाई प्रशांत किशोर से जुड़ी आई पैक के ठिकानों पर देशभर में छापेमारी से सियासी हलचल तेज

कोयला तस्करी केस में ईडी की बड़ी कार्रवाई प्रशांत किशोर से जुड़ी आई पैक के ठिकानों पर देशभर में छापेमारी से सियासी हलचल तेज

प्रेषित समय :20:24:12 PM / Thu, Apr 2nd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

अनिल मिश्र/ पटना. पश्चिम बंगाल कोयला तस्करी मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए चुनावी रणनीतिकार Prashant Kishor से जुड़ी संस्था Indian Political Action Committee के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. यह कार्रवाई दिल्ली, हैदराबाद, बेंगलुरु समेत कई शहरों में की जा रही है, जिससे देशभर के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. बताया जा रहा है कि यह छापेमारी पश्चिम बंगाल में चल रहे बहुचर्चित कोयला तस्करी मामले से जुड़ी जांच के तहत की गई है.

सूत्रों के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय की टीमें सुबह से ही आई-पैक के विभिन्न कार्यालयों और उससे जुड़े ठिकानों पर पहुंच गईं और दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ डिजिटल डाटा को भी खंगाल रही हैं. इस कार्रवाई को ऐसे समय में अंजाम दिया गया है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां चरम पर हैं और चुनाव प्रचार तेज गति से चल रहा है. माना जा रहा है कि इस छापेमारी का असर चुनावी माहौल पर भी पड़ सकता है.

जानकारी के मुताबिक इससे पहले 8 जनवरी को भी कोलकाता स्थित आई-पैक के कार्यालय पर ईडी ने छापा मारा था. उस समय पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee स्वयं वहां पहुंच गई थीं और जांच एजेंसी की कार्रवाई का विरोध किया था. उस घटना ने भी काफी राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया था और केंद्र तथा राज्य सरकार के बीच टकराव की स्थिति बन गई थी. अब एक बार फिर उसी मामले में नई कार्रवाई ने इस मुद्दे को फिर से सुर्खियों में ला दिया है.

इस पूरे मामले में हाल ही में 31 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हुई थी. शीर्ष अदालत ने पश्चिम बंगाल सरकार से ईडी की याचिका को लेकर सवाल पूछे थे, जिसमें एजेंसी ने आरोप लगाया था कि जनवरी में की गई छापेमारी के दौरान जांच में बाधा डाली गई थी. अदालत की टिप्पणी के बाद से ही यह संकेत मिल रहे थे कि मामले में आगे और कार्रवाई हो सकती है, जिसके बाद अब यह ताजा छापेमारी सामने आई है.

आई-पैक की स्थापना प्रशांत किशोर ने की थी, जो देश के जाने-माने चुनावी रणनीतिकार माने जाते हैं. उनकी टीम ने कई राज्यों में विभिन्न राजनीतिक दलों के लिए चुनाव प्रबंधन का काम किया है. वर्तमान में भी यह चर्चा रही है कि पश्चिम बंगाल में All India Trinamool Congress के चुनावी अभियान में आई-पैक की भूमिका है. हालांकि इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई स्पष्ट पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे महत्वपूर्ण मानते हैं.

इधर प्रशांत किशोर हाल ही में बिहार की राजनीति में भी सक्रिय हुए थे, जहां उन्होंने ‘जन सुराज’ अभियान के जरिए अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करने की कोशिश की थी. हालांकि उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई, लेकिन उनकी राजनीतिक सक्रियता लगातार बनी हुई है. ऐसे में ईडी की यह कार्रवाई उनके लिए भी राजनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है.

सूत्रों का कहना है कि एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि कोयला तस्करी से जुड़े धन का इस्तेमाल कहीं चुनावी प्रबंधन या अन्य गतिविधियों में तो नहीं किया गया. इसी संदर्भ में आई-पैक के वित्तीय लेनदेन और उससे जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है. हालांकि अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन जांच एजेंसी के कदम को बेहद गंभीर माना जा रहा है.

वहीं राजनीतिक दलों की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हुई है. विपक्षी दल जहां इसे राजनीतिक दबाव बनाने की कार्रवाई बता सकते हैं, वहीं सत्ताधारी पक्ष इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम के रूप में पेश कर सकता है. चुनावी समय में इस तरह की कार्रवाई का राजनीतिक असर पड़ना तय माना जा रहा है.

पश्चिम बंगाल में आगामी 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है, ऐसे में यह छापेमारी और भी ज्यादा संवेदनशील मानी जा रही है. चुनावी रणनीति तैयार करने वाली संस्था पर इस तरह की कार्रवाई से राजनीतिक समीकरणों पर असर पड़ सकता है. फिलहाल ईडी की टीमें लगातार जांच में जुटी हुई हैं और आने वाले समय में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है. इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर जांच एजेंसियों की कार्रवाई और राजनीति के बीच संबंधों को लेकर बहस को तेज कर दिया है, जिसका असर आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-