स्टेट बैंक को करोड़ों का चूना लगाने वाला सोनी अस्पताल का डायरेक्टर गिरफ्तार, जबलपुर सीबीआई ने इंदौर में दी दबिश

स्टेट बैंक को करोड़ों का चूना लगाने वाला सोनी अस्पताल का डायरेक्टर गिरफ्तार, जबलपुर सीबीआई ने इंदौर में दी दबिश

प्रेषित समय :20:29:58 PM / Sat, Apr 4th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. मध्य प्रदेश के इंदौर और जबलपुर के बीच फैली वित्तीय धोखाधड़ी की एक बड़ी कड़ी को तोड़ते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के साथ करोड़ों रुपये का गबन करने वाले मुख्य आरोपी को दबोच लिया है. सीबीआई की जबलपुर टीम ने गुरुवार को इंदौर में बड़ी कार्रवाई करते हुए 'सोनी अस्पताल लिमिटेड' के डायरेक्टर राजीव लोचन सोनी को उसके निवास से गिरफ्तार किया. आरोपी पर बैंक के साथ लगभग 12.87 करोड़ रुपये की ऋण धोखाधड़ी का गंभीर आरोप है. दिलचस्प बात यह है कि जैसे ही सीबीआई की टीम ने आरोपी को हिरासत में लिया, उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई, जिसके बाद उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. फिलहाल सीबीआई उसके स्वस्थ होने का इंतजार कर रही है ताकि रिमांड पर लेकर पूछताछ का सिलसिला शुरू किया जा सके.

मामले की जड़ें साल 2006 से 2011 के बीच की हैं, जब राजीव लोचन सोनी ने इंदौर स्थित एसबीआई की आइएनटी शाखा से कैश क्रेडिट लिमिट और लेटर ऑफ क्रेडिट की सुविधाएं प्राप्त की थीं. जांच में यह बात सामने आई है कि इस ऋण को हासिल करने के लिए दस्तावेजों में बड़े स्तर पर हेरफेर और फर्जीवाड़ा किया गया था. बैंक से करोड़ों रुपये का कर्ज लेने के बाद आरोपी ने उस राशि का उपयोग उन उद्देश्यों के लिए नहीं किया जिनके लिए ऋण लिया गया था, बल्कि पैसों को अन्य कार्यों में ठिकाने लगा दिया. समय बीतने के साथ यह भारी-भरकम कर्ज एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) में बदल गया, जिससे बैंक को करोड़ों का वित्तीय नुकसान झेलना पड़ा. बैंक की शिकायत पर साल 2022 में सीबीआई जबलपुर ने राजीव लोचन सोनी और उसके भाई विजय सोनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर तफ्तीश शुरू की थी.

सीबीआई की यह कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दी गई. जबलपुर से पहुंची टीम पिछले दो दिनों से इंदौर में डेरा डाले हुए थी और आरोपियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रख रही थी. गुरुवार को जब टीम ने न्यू पलासिया के मनोरमागंज स्थित राजीव के आवास पर छापा मारा, तो वह घर पर ही मिल गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया. हालांकि, इस छापेमारी की भनक लगते ही उसका छोटा भाई और मामले का सह-आरोपी विजय सोनी मौके से फरार होने में कामयाब रहा. विजय ने अपना मोबाइल फोन भी बंद कर लिया है, जिसकी तलाश में सीबीआई की टीमें अब संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं.

वर्तमान में आरोपी राजीव लोचन सोनी अस्पताल के बिस्तर पर है और पुलिस कस्टडी में उसका इलाज चल रहा है. सीबीआई अधिकारियों का मानना है कि अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही उससे कड़ी पूछताछ की जाएगी, जिससे इस घोटाले की कई और परतें खुलने की उम्मीद है. यह गिरफ्तारी उन रसूखदारों के लिए एक कड़ा संदेश है जो बैंकिंग प्रणाली में सेंध लगाकर जनता की गाढ़ी कमाई का दुरुपयोग करते हैं. अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि फरार आरोपी विजय सोनी कब तक कानून के शिकंजे में आता है और इस करोड़ों के घोटाले की असली रकम कहाँ निवेश की गई है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-